summer express,नई दिल्ली। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ समेत कई मैदानी क्षेत्रों से मानसून के लौटने की संभावना है। हालांकि, मानसून की विदाई के बीच देश के कई हिस्सों में बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक 6 और 7 अक्टूबर को हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और चंडीगढ़ में बारिश होने की संभावना है। वहीं हिमाचल प्रदेश में 5 से 7 अक्टूबर और जम्मू-कश्मीर में 6 से 7 अक्टूबर के बीच बारिश का पूर्वानुमान है। उत्तराखंड में भी 5 से 7 अक्टूबर तक बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में इस दौरान आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मध्य प्रदेश में 3 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि छत्तीसगढ़ में 2 से 7 अक्टूबर के बीच बारिश होने की संभावना है। बिहार और झारखंड में भी 5 से 7 अक्टूबर तक बारिश का अनुमान है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। मणिपुर, मेघालय, असम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। हालांकि, 1 से 7 अक्टूबर के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने का अनुमान है। केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में देश में बारिश की गतिविधियों में और कमी आने की संभावना है। हालांकि, 13 अक्टूबर के आसपास अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव का नया क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है, जिससे आगे मौसम में बदलाव हो सकता है।
मानसून की वापसी की बात करें तो अक्टूबर के पहले सप्ताह में पूर्वी उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के शेष हिस्सों से इसके पूरी तरह लौटने की संभावना है। इसके बाद 8 से 14 अक्टूबर के बीच बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड और पूर्वोत्तर क्षेत्र से भी मानसून की विदाई होने का अनुमान है। दिल्ली और उत्तर प्रदेश से मानसून की वापसी के बाद दूसरे सप्ताह तक मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात में भी इसकी गतिविधियां समाप्त होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने अक्टूबर से दिसंबर के बीच मानसून के बाद होने वाली बारिश को लेकर भी पूर्वानुमान जारी किया है। इस अवधि में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा, केरल और माहे तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में बारिश होने की संभावना है।
कुल मिलाकर मानसून के बाद के मौसम में देशभर में बारिश दीर्घकालिक औसत की 88 से 112 प्रतिशत के बीच रहने की सबसे अधिक संभावना जताई गई है। दक्षिणी प्रायद्वीप और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के अधिकांश क्षेत्रों में इस अवधि में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है।
इस साल जून से सितंबर के बीच चार महीने के दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन में देश में औसत बारिश करीब 87 प्रतिशत रही, जो सामान्य से कम है। मध्य भारत में सामान्य बारिश का करीब 97 प्रतिशत, उत्तर-पश्चिम भारत में 94 प्रतिशत, दक्षिणी प्रायद्वीप में 76 प्रतिशत और पूर्वोत्तर भारत में करीब 74 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई।
सितंबर के अंतिम दिनों में आंध्र प्रदेश के ऊपर बने गहरे दबाव के क्षेत्र के कारण दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के अलावा ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। 24 से 27 सितंबर के बीच आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद 28 सितंबर को अंडमान सागर और उससे सटे म्यांमार तट के ऊपर एक और गहरा दबाव क्षेत्र बना, जिसके प्रभाव से देश के कुछ हिस्सों में बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहा।