Summer express, रोम। पोप लियो XIV की रोम स्थित जेमेली अस्पताल में फेफड़ों की सफल सर्जरी की गई। न्यूज़ के अनुसार, जांच के दौरान फेफड़ों के एडेनोकार्सिनोमा की पुष्टि होने के बाद डॉक्टरों ने उनके दाहिने फेफड़े का निचला हिस्सा निकाल दिया। यह एक प्रकार का कैंसर है। होली सी प्रेस ऑफिस के मुताबिक, मंगलवार दोपहर स्थानीय समयानुसार सर्जरी निर्धारित योजना के अनुसार पूरी की गई। इस दौरान वीडियो-असिस्टेड सर्जिकल तकनीक का इस्तेमाल किया गया।
होली सी प्रेस ऑफिस के बयान के अनुसार, प्रभावित हिस्से को पूरी तरह हटाने के लिए पोप के दाहिने फेफड़े का निचला लोब निकाला गया। सर्जरी के दौरान ऊतकों की हिस्टोलॉजिकल जांच में एडेनोकार्सिनोमा की पुष्टि हुई। डॉक्टरों को ऑपरेशन से पहले की गई जांचों में इस बीमारी का संदेह हुआ था। सर्जरी का उद्देश्य प्रभावित ऊतक को हटाना था।
वेटिकन प्रशासन ने बताया कि पोप लियो लगभग तीन घंटे तक ऑपरेशन रूम में रहे, जबकि वास्तविक सर्जरी करीब 90 मिनट चली। अधिकारियों के मुताबिक, ऑपरेशन सफल रहा और इस दौरान कोई जटिलता सामने नहीं आई। सर्जरी के बाद पोप सामान्य रूप से होश में आ गए। कुछ समय तक चिकित्सकीय निगरानी में रखने के बाद उन्हें अस्पताल की दसवीं मंजिल पर स्थित उनके कमरे में वापस ले जाया गया।
सर्जरी की जिम्मेदारी प्रोफेसर स्टेफानो मार्गरिटोरा के नेतृत्व वाली टीम ने संभाली। उनके साथ प्रोफेसर एलिसा मीची, डॉ. मारिया टेरेसा कॉन्गेडो और डॉ. लियोनार्डो पेट्राका सियावरेला भी शामिल रहे। वहीं, एनेस्थीसिया टीम में प्रोफेसर मास्सिमो एंटोनेली, डॉ. जियोवानी पुन्जो और डॉ. ग्यूसेप बेलो ने अपनी सेवाएं दीं।
वेटिकन न्यूज़ के अनुसार, सर्जरी के दौरान निकाले गए ऊतकों की विस्तृत जांच आने वाले दिनों में की जाएगी। ऑपरेशन से पहले हुई चिकित्सकीय जांचों के आधार पर डॉक्टरों ने प्रभावित हिस्से की स्थिति का आकलन किया और सर्जरी की प्रक्रिया तय की थी। आगे की जांच से बीमारी से संबंधित अतिरिक्त जानकारी मिलने की उम्मीद है।
पोप के अस्पताल में करीब एक सप्ताह तक भर्ती रहने की पहले बताई गई अवधि में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। होली सी प्रेस ऑफिस के निदेशक माटेओ ब्रूनी के अनुसार, ऑपरेशन के बाद पोप लियो ने रात का भोजन मांगा और शाम अपने सचिवों तथा वेटिकन के अन्य कर्मचारियों के साथ बिताई।
रोम स्थित एगोस्टिनो जेमेली पॉलीक्लिनिक अस्पताल इटली के प्रमुख चिकित्सा केंद्रों में शामिल है। यहां पहले भी पोप का उपचार किया जा चुका है। फिलहाल सर्जरी के बाद उनकी स्थिति पर चिकित्सकीय निगरानी रखी जा रही है और निकाले गए ऊतकों की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है।