नई दिल्ली | आम आदमी पार्टी (AAP) ने विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA ब्लॉक से खुद को औपचारिक रूप से अलग कर लिया है। आगामी बैठक से पहले ही पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह न तो इस मीटिंग में हिस्सा लेगी और न ही अब इस गठबंधन का हिस्सा मानी जाएगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने खुद इसकी पुष्टि की है।
संजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, “INDIA गठबंधन लोकसभा चुनाव तक सीमित था। उसके बाद हमने दिल्ली, हरियाणा और अन्य राज्यों के उपचुनावों में अकेले लड़ने का फैसला किया। अब हम उस गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं। पार्टी और अरविंद केजरीवाल जी ने यह निर्णय पहले ही ले लिया है।”
राजनीतिक समीकरणों पर असर
AAP के इस फैसले को INDIA ब्लॉक के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे वक्त में जब विपक्षी दल लोकसभा के बाद राज्यों में होने वाले चुनावों की रणनीति बना रहे हैं।
हालांकि, संजय सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि संसद जैसे राष्ट्रीय मंचों पर TMC, DMK जैसी अन्य विपक्षी पार्टियों से विचारों का सहयोग बना रहेगा।
ED की कार्रवाई पर बीजेपी पर हमला
संजय सिंह ने बीजेपी पर भी तीखा प्रहार करते हुए कहा कि, “बीजेपी कायरों की पार्टी है, जो केवल जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करके विपक्ष को दबाना चाहती है। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं।”
रॉबर्ट वाड्रा पर ED की चार्जशीट पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “बीजेपी 10 साल से ‘जीजाजी’ चिल्ला रही है, लेकिन आज तक कुछ साबित नहीं कर पाए। यह उनकी नाकामी है।”
क्यों अहम है AAP का यह फैसला?
AAP का बाहर निकलना INDIA ब्लॉक की एकता और आगामी चुनावों की तैयारियों पर सीधा असर डाल सकता है। यह फैसला विपक्षी दलों की एकजुटता पर सवाल उठाता है, खासकर तब जब केंद्र की राजनीति में भाजपा के सामने एक मजबूत मोर्चा खड़ा करना जरूरी माना जा रहा है।