अमेरिका | अमेरिका के न्यूयॉर्क में एक 61 वर्षीय शख्स की दर्दनाक मौत उस वक्त हो गई जब वह स्कैनिंग के दौरान गलती से एमआरआई रूम में चला गया। उसके गले में भारी मेटल की चेन थी, जिसे एमआरआई मशीन के शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र ने अपनी ओर खींच लिया। तेज खिंचाव के चलते उसे गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उसकी जान चली गई।
घटना नासाउ काउंटी के वेस्टबरी स्थित एक मेडिकल बिल्डिंग की है। मृतक की पहचान कीथ मैकएलिस्टर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह स्कैनिंग प्रक्रिया के दौरान एमआरआई रूम में दाखिल हो गया था, जबकि उसके गले में भारी मेटल की चेन थी, जो मशीन की ताकतवर चुंबकीय शक्ति के कारण घातक साबित हुई।
MRI मशीनें कितनी खतरनाक हो सकती हैं?
एमआरआई (मैग्नेटिक रेसोनेंस इमेजिंग) मशीनें शरीर के अंदर की तस्वीरें बनाने के लिए बेहद शक्तिशाली मैग्नेटिक फील्ड और रेडियो वेव्स का इस्तेमाल करती हैं। स्कैन से पहले मरीजों को साफ निर्देश दिए जाते हैं कि वे कोई भी धातु (जैसे गहने, बेल्ट, चेन) पहनकर अंदर न जाएं।
अमेरिका की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल इमेजिंग एंड बायोइंजीनियरिंग के मुताबिक, एमआरआई मशीनें व्हीलचेयर, ऑक्सीजन टैंक जैसी भारी धातु की चीजों को भी तेजी से अपनी ओर खींच सकती हैं। यही वजह है कि किसी भी धातु वस्तु के साथ अंदर जाना जानलेवा हो सकता है।
क्या होता है MRI?
MRI यानी मैग्नेटिक रेसोनेंस इमेजिंग स्कैन, शरीर के अंदर अंगों और टिशूज़ की विस्तृत तस्वीरें बनाता है। यह पूरी तरह नॉन-इनवेसिव प्रक्रिया होती है और इसमें किसी सर्जरी की ज़रूरत नहीं होती। स्कैन की अवधि 15 से 90 मिनट तक हो सकती है, जो स्कैन किए जा रहे अंग पर निर्भर करती है।
यह घटना मेडिकल लापरवाही की गंभीर चेतावनी है, जो यह दिखाती है कि अस्पतालों में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कितना ज़रूरी है। एक छोटी सी अनदेखी भी जानलेवा साबित हो सकती है।