नई दिल्ली | देश के करोड़ों छोटे और सीमांत किसान पीएम किसान सम्मान निधि योजना के जरिए हर साल मिलने वाली आर्थिक सहायता पर निर्भर हैं। इस योजना के तहत eligible किसानों को हर साल छह हजार रुपये की सहायता तीन किश्तों में दी जाती है। अब तक योजना की उन्नीस किश्तें किसानों को मिल चुकी हैं और बीसवीं किस्त जल्द ही जारी होने वाली है।
लेकिन यह बीसवीं किस्त उन्हीं किसानों को मिलेगी जिनके खाते से जुड़ी तीन प्रमुख शर्तें पूरी हो चुकी हैं। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर इनमें से कोई भी प्रक्रिया अधूरी है तो किस्त रोकी जा सकती है।
सबसे पहली जरूरी प्रक्रिया है ई केवाईसी। योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपनी पहचान और बैंक खाते का सत्यापन कराना जरूरी है। यह प्रक्रिया किसान पोर्टल, मोबाइल ऐप या नजदीकी सीएससी केंद्र के माध्यम से पूरी की जा सकती है।
दूसरी आवश्यक शर्त है भूमि सत्यापन। इसका मतलब है यह सुनिश्चित करना कि किसान के पास जो भूमि है वह खेती योग्य है और वह उस पर खेती कर रहा है। जिन किसानों का भूमि सत्यापन नहीं हुआ है उन्हें अगली किस्त मिलने में परेशानी हो सकती है।
तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है बैंक खाते का आधार कार्ड से लिंक होना। यदि किसान का खाता आधार से लिंक नहीं है तो योजना के तहत दी जाने वाली राशि उनके खाते में नहीं पहुंचेगी। आधार लिंकिंग के लिए नजदीकी बैंक शाखा में जाकर प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
सरकार का कहना है कि किसानों को इन तीनों कामों को समय रहते पूरा करना होगा ताकि उनकी अगली किस्त बिना रुकावट जारी की जा सके। साथ ही सरकार डिजिटल सेवाओं के माध्यम से घर बैठे इन कार्यों को पूरा करने की सुविधा भी उपलब्ध करा रही है।
इस योजना की शुरुआत वर्ष दो हजार अठारह में की गई थी और यह किसानों को खेती में सहायता देने और उनकी आय बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जाता है। जो किसान बीसवीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं उन्हें सलाह दी जाती है कि वे तुरंत इन प्रक्रियाओं को पूरा कर लें ताकि आर्थिक सहायता समय पर मिल सके।