Chandigarh, 25 July
पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) द्वारा आयोजित क्षेत्रीय साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सम्मेलन में ट्राईसिटी के 300 से अधिक उद्योगपति, शिक्षाविद, स्टार्टअप प्रतिनिधि, प्रोफेशनल्स और सरकारी अधिकारी एकत्र हुए। सम्मेलन में साइबर सुरक्षा और एआई से जुड़ी उभरती चुनौतियों और नवाचारों पर गहन चर्चा हुई।
भारत सरकार के कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के क्षेत्रीय निदेशक विनोद शर्मा ने वीडियो संदेश में डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में कॉर्पोरेट गवर्नेंस की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ती निर्भरता के मद्देनज़र, संस्थानों को साइबर अनुपालन और डेटा की अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के निदेशक शैलेंद्र त्यागी ने डीप-टेक स्टार्टअप्स के विकास में STPI की भूमिका को साझा किया। वहीं, चंडीगढ़ प्रशासन के उद्योग निदेशक पवित्र सिंह ने शहर में डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने चंडीगढ़ को साइबर सुरक्षा और एआई नवाचार केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं को उजागर करते हुए MSMEs और स्टार्टअप्स को सशक्त करने के लिए उद्योग और शिक्षा जगत से गहरे सहयोग की आवश्यकता बताई।
सम्मेलन की विशेष आकर्षण रहे नेटफ्लिक्स की चर्चित वेब सीरीज़ ‘जामताड़ा’ के निर्माता मनीष त्रेहान, जिन्होंने कहानी कहने की ताकत को साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार रचनात्मक दृष्टिकोण सामाजिक चेतना को प्रेरित कर सकता है।
PHDCCI की क्षेत्रीय निदेशक भारती सूद ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए नवाचार आधारित संवाद को बढ़ावा देने की चैंबर की प्रतिबद्धता को दोहराया।
साइबर स्पंक्स और साइबर अकादमी के संस्थापक तरुण मल्होत्रा ने साइबर सुरक्षा और एआई को भारत के डिजिटल भविष्य की रीढ़ बताया। वहीं, DCM ग्रुप ऑफ स्कूल्स के CEO डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता ने जमीनी स्तर पर साइबर जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया।
सम्मेलन के दौरान कई विषयों पर पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं, जिनमें शामिल रहे:
- एआई और साइबर सुरक्षा: MSME निर्यात के लिए रणनीतिक बदलाव
- डीपीडीपी अधिनियम 2023: अनुपालन, भ्रम और संभावित परिणाम
- स्मार्ट स्केलिंग विद एआई: व्यवसाय और MSME विकास में एआई की भूमिका
सम्मेलन ने यह स्पष्ट कर दिया कि चंडीगढ़ न केवल तकनीकी रूप से उन्नत शहर है, बल्कि डिजिटल इंडिया को गति देने वाले साइबर और एआई नवाचार का भी केंद्र बनने की पूरी क्षमता रखता है।