Dharamshala –भीषण गर्मी से बेहाल मैदानी इलाकों के लोग राहत की तलाश में हिमाचल की पहाड़ियों का रुख कर रहे हैं। ऐसे में धर्मशाला की शांत वादियों में स्थित मां गुणा देवी मंदिर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की पहली पसंद बन गया है। धौलाधार की तलहटी में स्थित यह मंदिर न केवल आध्यात्मिक शांति का केंद्र है, बल्कि प्राकृतिक सुंदरता और ठंडे मौसम की वजह से गर्मियों में आकर्षण का प्रमुख स्थल भी बन चुका है।
पगडंडियों से होती है आस्था की यात्रा
मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को करीब 5-7 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई तय करनी पड़ती है। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक बीण की धुन के साथ श्रद्धालु मां के दरबार की ओर बढ़ते हैं। रास्ता कठिन जरूर है, लेकिन भक्तों की आस्था हर बाधा को पार कर जाती है। हर सप्ताहांत यहां बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं, जो प्रकृति के सौंदर्य के साथ-साथ आध्यात्मिक अनुभव की तलाश में आते हैं।
गद्दी समुदाय की कुलदेवी, अब वैश्विक आस्था का केंद्र
यह मंदिर गद्दी समुदाय की कुलदेवी मां गुणा देवी को समर्पित है। पुजारी अशोक के अनुसार, पहले मां गुणा देवी धौलाधार की ऊंची पहाड़ियों पर विराजमान थीं, लेकिन भक्तों की सुविधा के लिए अब वे इस स्थान पर विराजी हैं। गर्मियों में यहां श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना वृद्धि देखी जाती है।
पर्यटक बोले – सुकून और भक्ति का अनूठा संगम
चंडीगढ़ से आई पर्यटक नेहा ने बताया, “यहां का मौसम बेहद सुहावना है। चंडीगढ़ की गर्मी से राहत मिली और मां के दर्शन कर मन को आत्मिक शांति भी मिली।” वहीं संगीता और विराज जैसे अन्य पर्यटक भी इस अनुभव को अविस्मरणीय बता रहे हैं।
धर्मशाला के पर्यटन को मिला नया आयाम
धार्मिक आस्था, ठंडा मौसम और प्राकृतिक सौंदर्य का यह संगम धर्मशाला के पर्यटन मानचित्र पर मां गुणा देवी मंदिर को एक विशेष स्थान दिला रहा है। यह मंदिर अब सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि गर्मी से जूझ रहे यात्रियों के लिए शांति और सुकून की नई मंजिल बन चुका है।