लंदन | लंदन हीथ्रो एयरपोर्ट से चेन्नई के लिए उड़ान भरने वाली ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट BA35 को टेकऑफ के कुछ ही मिनट बाद तकनीकी खराबी के चलते लौटना पड़ा। Boeing 787-8 Dreamliner (रजिस्ट्रेशन: G-ZBJG) विमान ने जैसे ही रनवे 27R से उड़ान भरी और करीब 9,000 फीट की ऊंचाई पर पहुंचा, पायलट को फ्लैप एडजस्टमेंट फेल्योर की चेतावनी मिली।
क्या हुआ तकनीकी गड़बड़ी में?
फ्लैप्स विमान के पंखों के पिछले हिस्से होते हैं, जो टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान उड़ान को स्थिर रखने में मदद करते हैं। लेकिन इस उड़ान में फ्लैप्स ने सही तरीके से काम नहीं किया। यह समस्या आमतौर पर फ्लैप ड्राइव सिस्टम के टॉर्क ट्यूब्स, एक्ट्यूएटर्स या सेंसर की खराबी के कारण होती है।
फ्यूल डंप कर सुरक्षित लैंडिंग
विमान लंबी दूरी की उड़ान पर था, इसलिए इसमें बड़ी मात्रा में ईंधन भरा गया था। अधिक वजन के साथ विमान की आपात लैंडिंग करना जोखिमपूर्ण हो सकता था। पायलट ने करीब 1 घंटे तक विमान को हवा में होल्ड कर फ्यूल डंप किया और फिर हीथ्रो एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग कराई।
यात्रियों को कोई नुकसान नहीं
फ्लाइट में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं। किसी के घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि, उड़ान में बाधा आने से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। एयरलाइन ने इस घटना पर खेद जताया है और यात्रियों के लिए वैकल्पिक यात्रा प्रबंध किए जा रहे हैं।
फ्लैप फेल्योर क्यों है गंभीर मामला?
फ्लैप्स का सही संचालन विमान की स्थिरता और नियंत्रण के लिए बेहद जरूरी होता है। इनकी खराबी के चलते टेकऑफ या लैंडिंग के समय दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। यही वजह है कि पायलट द्वारा तत्काल वापसी का निर्णय लिया गया।
Boeing 787 पर उठ रहे सवाल
यह घटना Boeing 787 सीरीज में सामने आ रही तकनीकी समस्याओं की फेहरिस्त में एक और उदाहरण है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं विमानन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही हैं।