चंडीगढ़ | हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के व्यवहार को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) द्वारा संचालित हेल्पलाइन नंबर 104 पर अब तक 409 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से 65 शिकायतें डॉक्टरों के व्यवहार को लेकर हैं।
स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित जिलों के नोडल अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं। मंत्री राव ने बताया कि हेल्पलाइन पर आ रही शिकायतों को प्राथमिकता से निपटाया जा रहा है और अधिकांश मामलों में समाधान किया जा चुका है, जबकि शेष शिकायतों पर कार्रवाई जारी है।
एनएचएम द्वारा शुरू की गई 104 हेल्पलाइन का उद्देश्य आमजन को अस्पतालों से जुड़ी समस्याओं के लिए एक सीधा माध्यम देना है। अब तक दर्ज 409 में से 337 शिकायतों का निपटान किया जा चुका है, जबकि 72 मामलों में जांच चल रही है।
साफ-सफाई से लेकर डॉक्टरों की अनुपस्थिति तक, कई मुद्दे उठे
अधिकतर शिकायतें अस्पतालों की साफ-सफाई और अव्यवस्था से संबंधित रही हैं, जबकि 65 शिकायतें डॉक्टरों के व्यवहार पर केंद्रित हैं। कुछ मरीजों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर मरीजों से ठीक से बात नहीं करते, तो कुछ ने डॉक्टरों की अस्पताल में मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए हैं।
नूंह, करनाल और गुरुग्राम से डॉक्टरों के खिलाफ सबसे ज्यादा शिकायतें सामने आई हैं। वहीं सोनीपत जिले की एक गंभीर शिकायत को डीजीएचएस को कार्रवाई के लिए भेजा गया है। इसमें एक महिला मरीज ने डिलीवरी के दौरान डॉक्टर और स्टाफ नर्स पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है।
एम्बुलेंस सेवा पर भी उठे सवाल
प्रदेश में संचालित 567 एंबुलेंसों को लेकर भी कई शिकायतें आई हैं। लोगों का आरोप है कि ड्राइवर और ईएमटी कर्मचारी रोस्टर के अनुसार ड्यूटी नहीं करते, या फिर अक्सर ड्यूटी से नदारद रहते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए एनएचएम ने अब कॉलिंग सिस्टम शुरू किया है, जिसमें एक विशेष टीम पूरे दिन एमडीटी नंबरों पर कॉल कर एंबुलेंस कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच करेगी। अगर कोई कर्मचारी गलत जानकारी देता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।