नई दिल्ली | अगर आप टू-व्हीलर या फोर-व्हीलर चलाते हैं, तो पेट्रोल पंप पर जाना आपकी दिनचर्या का हिस्सा होगा। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि पेट्रोल भरवाते वक्त कहीं आपको चुपचाप ठगा तो नहीं जा रहा? दरअसल, पेट्रोल पंप पर ग्राहकों से धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं और इनसे बचने के लिए थोड़ी सी जागरूकता बेहद जरूरी है।
क्या सिर्फ ‘0’ मीटर देखना काफी है? जवाब है – नहीं
अधिकांश उपभोक्ता पेट्रोल भरवाने से पहले केवल इतना सुनिश्चित करते हैं कि मीटर ‘0’ पर हो। लेकिन पेट्रोल पंप कर्मचारी अब इससे कहीं आगे की तकनीक अपना चुके हैं। “जंप ट्रिक” नाम की एक नई धोखाधड़ी पद्धति ने ग्राहकों को चुपचाप लूटना शुरू कर दिया है।
क्या है “जंप ट्रिक”?
इस तकनीक में शुरुआत में तो मीटर ‘0’ पर होता है, लेकिन पेट्रोल भरते ही मीटर की रीडिंग सीधे 5 या अधिक पर छलांग लगा देती है। इसका मतलब है कि बीच की रीडिंग्स (जैसे 1, 2, 3, 4) स्किप कर दी जाती हैं और कम ईंधन भरकर पूरी राशि वसूली जाती है।
इस तरह पकड़ें धोखाधड़ी
- मीटर पर हर सेकंड नज़र रखें – सिर्फ शुरुआत की नहीं, पूरी रीडिंग पर ध्यान दें।
- रीडिंग का व्यवहार समझें – अगर मीटर अचानक 0 से सीधे 5 पर पहुंच जाए, तो सतर्क हो जाएं।
- सवाल पूछने में हिचकें नहीं – संदेह की स्थिति में तुरंत कर्मचारी से जवाब मांगें और पेट्रोल दोबारा डालने की मांग करें।
ईंधन की गुणवत्ता भी न करें नजरअंदाज
पेट्रोल की मात्रा के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता भी मायने रखती है। डेंसिटी रीडिंग (घनत्व) से यह पता लगाया जा सकता है कि पेट्रोल शुद्ध है या मिलावटी।
- सामान्य डेंसिटी रेंज: 730 से 770 किलोग्राम प्रति घन मीटर
- डेंसिटी डिस्प्ले बोर्ड: हर पंप पर डेंसिटी की जानकारी वाला बोर्ड होना चाहिए। अगर नहीं है या रीडिंग बार-बार असामान्य दिख रही है, तो मिलावट की आशंका हो सकती है।
शिकायत कैसे और कहां करें?
यदि आपको धोखाधड़ी का संदेह हो तो सीधे तेल कंपनियों के टोल फ्री नंबर या वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं:
- HPCL: 1800-2333-555
- BPCL: 1800-22-4344
- Indian Oil: 1800-2333-555
शिकायत सही पाए जाने पर पंप के खिलाफ जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई हो सकती है।
याद रखें – जागरूक ग्राहक ही सुरक्षित ग्राहक
बढ़ती महंगाई के इस दौर में ईंधन की हर बूंद कीमती है। ऐसे में अगर आप सतर्क नहीं रहेंगे, तो पेट्रोल पंप की चालाकियां आपकी जेब पर भारी पड़ सकती हैं। अगली बार जब भी पेट्रोल डलवाएं, तो इन सावधानियों को अपनाएं और खुद को ठगी से बचाएं।