नई दिल्ली | जब भी दुनिया में युद्ध या अनिश्चितता का माहौल होता है, सोने को सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। लेकिन इस बार मामला उल्टा है। ईरान और इज़रायल के बीच तनाव चरम पर है, फिर भी सोने की कीमतों में तेज गिरावट देखी जा रही है।
मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $3,400 के नीचे फिसलकर $3,380 तक पहुंच गया, और बुधवार को भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा। भारत में भी सोने की घरेलू कीमतों में नरमी बनी हुई है।
आखिर क्यों गिर रहा है सोना? जानिए इसकी 5 बड़ी वजहें:
1. डॉलर की मजबूती ने सोने को कमजोर किया
सोने और अमेरिकी डॉलर का संबंध हमेशा उलटा रहा है। इस हफ्ते डॉलर इंडेक्स (DXY) में 0.46% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो अब 98.58 पर है। डॉलर मजबूत होने से सोना महंगा हो जाता है और वैश्विक मांग घटती है, जिससे कीमतें नीचे आती हैं।
2. भू-राजनीतिक तनाव है, लेकिन बाजार में डर से स्थिरता टूटी नहीं
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर सीधी चेतावनी दिए जाने और G7 सम्मेलन बीच में छोड़ने के बावजूद, बाजार में अपेक्षित डर और अस्थिरता नहीं दिखी। विशेषज्ञ मानते हैं कि डॉलर की मजबूती ने गोल्ड पर बने दबाव को और बढ़ा दिया, जिससे कीमतें चढ़ नहीं पाईं।
3. फेड बैठक से पहले अनिश्चितता
फेडरल रिज़र्व की अगली बैठक से पहले यह अनुमान लगाया जा रहा है कि ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि, यदि फेड भविष्य में रेट कट को लेकर धीमी रफ्तार दिखाता है, तो यह सोने के लिए नकारात्मक संकेत होगा। मई में अमेरिकी रिटेल सेल्स में 0.9% की गिरावट ने यह जरूर संकेत दिया है कि फेड पर ब्याज दरें घटाने का दबाव बन सकता है।
4. सेंट्रल बैंकों की खरीदारी से बना रहेगा लॉन्ग टर्म सपोर्ट
World Gold Council की रिपोर्ट के अनुसार, 73 में से 95% सेंट्रल बैंक अगले 12 महीनों में सोने की खरीदारी की योजना बना रहे हैं। यह लॉन्ग टर्म डिमांड को सपोर्ट करता है। इसके अलावा, अमेरिका के 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में भी गिरावट आई है, जो सोने के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।
5. टेक्निकल चार्ट से क्या संकेत मिल रहे हैं?
- Resistance लेवल्स: $3,400 → $3,450 → $3,500
- Support लेवल्स: $3,350 → 50-day SMA: $3,293 → $3,167
टेक्निकल विश्लेषण के मुताबिक, जब तक सोने की कीमतें $3,350 से ऊपर बनी रहती हैं, ट्रेंड पॉजिटिव माना जा सकता है।
निवेशकों के लिए रणनीति क्या होनी चाहिए?
- अगर फेडरल रिज़र्व दरें घटाने के संकेत देता है, तो सोना $3,400 के ऊपर फिर से उछाल सकता है।
- लेकिन अगर डॉलर मजबूत बना रहा, तो गोल्ड में और गिरावट आ सकती है।
- ऐसे में निवेशकों के लिए “Buy on Dip” यानी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति बेहतर साबित हो सकती है, खासकर मजबूत सपोर्ट लेवल्स के पास।