नई दिल्ली | अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए प्रस्तावित Axiom-4 मिशन को एक बार फिर से टाल दिया गया है। इस मिशन का हिस्सा भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भी हैं। पहले यह मिशन 19 जून को लॉन्च होना था, लेकिन अब इसकी लॉन्चिंग 22 जून से पहले संभव नहीं है। यह तीसरी बार है जब इस ऐतिहासिक मिशन की तारीख में बदलाव किया गया है।
भारत के लिए गौरव का क्षण
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जो भारतीय वायुसेना के अनुभवी पायलट और इसरो के हालिया अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल हैं, Axiom-4 मिशन के चार सदस्यीय दल में शामिल हैं। यह मिशन अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसX के फाल्कन-9 रॉकेट के माध्यम से लॉन्च होगा।
इस मिशन के दौरान शुभांशु शुक्ला सात भारतीय वैज्ञानिक प्रयोगों को ISS पर अंजाम देंगे, जिससे भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान कार्यक्रम को वैश्विक मंच पर और मजबूती मिलेगी।
ISS में रूसी मॉड्यूल में तकनीकी खामी, लेकिन Axiom-4 से नहीं जुड़ा मामला
इसी बीच, अंतरिक्ष स्टेशन पर स्थित रूस के ज़्वेज़्दा सर्विस मॉड्यूल में एक हल्की दबाव विसंगति पाई गई है। हालांकि, Axiom Space ने स्पष्ट किया है कि यह तकनीकी समस्या Axiom-4 मिशन से संबंधित नहीं है और इसका मिशन की सुरक्षा या टाइमलाइन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
Axiom Space का दीर्घकालिक लक्ष्य: व्यावसायिक अंतरिक्ष स्टेशन
Axiom Space ने कहा है कि मिशन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक जांचें और सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। कंपनी का यह मिशन भविष्य के लिए उसकी बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पृथ्वी की निचली कक्षा में पहला व्यावसायिक अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करना है।