मुंबई | इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच बुधवार की शुरुआत में भारतीय शेयर बाजार दबाव में रहे। प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी-50 गिरावट के साथ खुले, जिसका मुख्य कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और निवेशकों की नकारात्मक भावना मानी जा रही है।
सुबह शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स लगभग 200 अंक की कमजोरी के साथ 81,314.62 के स्तर पर खुला। हालांकि, 9:24 बजे यह फिर हल्की बढ़त लेकर 81,635.98 तक पहुंच गया। इसी तरह, एनएसई निफ्टी-50 24,788.35 पर खुला, और 9:27 बजे यह 24,873 पर 24.85 अंक या 0.10% की बढ़त पर था।
कारोबार को प्रभावित कर रहे प्रमुख कारक:
- ग्लोबल तनाव: इज़राइल-ईरान टकराव, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा “बिना शर्त आत्मसमर्पण” की मांग, बाजार में भय और अनिश्चितता को बढ़ा रहा है।
- फेड की ब्याज दर नीति: अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की अगली बैठक से पहले व्यापारी सावधान रूझान पर हैं।
- डेरिवेटिव एक्सपायरी में बदलाव: SEBI की मंजूरी से BSE और NSE पर डेरिवेटिव अनुबंधों की एक्सपायरी तिथियों में बदलाव हुआ है — NSE अब मंगलवार को, जबकि BSE गुरुवार को समाप्ति करेंगी؛ इससे बाजार का माहौल प्रभावित हो सकता है।
एशिया-प्रशांत बाजारों में मिला-जुला प्रदर्शन
- जापान: निक्केई शुरुआती गिरावट के बाद 0.14% ऊपर, टोपिक्स 0.15% उछला।
- दक्षिण कोरिया: कोस्पी 0.46% की तेजी पर।
- ऑस्ट्रेलिया: ASX200 में 0.2% की गिरावट।
जापान में मई में निर्यात रिपोर्ट हुई — अनुमानित 3.8% की गिरावट के मुकाबले सिर्फ 1.7% ही गिरा, जबकि बैंक ऑफ जापान ने अपनी प्रमुख अल्पकालिक ब्याज दर 0.5% पर अपरिवर्तित रखी।
अमेरिकी बाजार का हाल
मंगलवार को अमेरिकी प्रमुख सूचकांकों में गिरावट थी:
- डॉव जोन्स: –0.70%
- एसएंडपी 500: –0.84%
- नैस्डैक कंपोजिट: –0.91%
आज के फेड बयाज दर के फैसले और अमेरिका तथा यूरोज़ोन और ब्रिटेन की महंगाई व बेरोजगारी की ताज़ा रिपोर्ट को लेकर भी बाजार की निगाहें बनीं रहेंगी।