नई दिल्ली | आधार कार्ड से जुड़ी जानकारी अपडेट कराने के लिए अब आपको बार-बार आधार केंद्र के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) एक ऐसा नया सिस्टम तैयार कर रही है, जिससे मोबाइल नंबर, पता, नाम और जन्मतिथि जैसी जानकारियों को घर बैठे अपडेट किया जा सकेगा।
UIDAI ने एक नया मोबाइल ऐप भी विकसित किया है, जो QR कोड के माध्यम से पूरा आधार या मास्क्ड आधार साझा करने की सुविधा देगा। इसके लिए अब आधार की फोटोकॉपी देने की जरूरत नहीं होगी। UIDAI के CEO भुवनेश कुमार ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में बताया कि नवंबर 2025 तक एड्रेस अपडेट, डिटेल वेरिफिकेशन और बायोमेट्रिक अपडेट जैसी सेवाएं पूरी तरह डिजिटल हो जाएंगी।
सरकारी डेटाबेस से होगा ऑटो-वेरिफिकेशन
नई तकनीक के जरिए आधार अपडेट प्रक्रिया को कई सरकारी और प्रमाणित डाटाबेस से जोड़ा जाएगा, जिसमें जन्म प्रमाण पत्र, मैट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, पैन कार्ड, पीडीएस और मनरेगा शामिल हैं। UIDAI भविष्य में बिजली बिल डाटाबेस को भी जोड़ने की योजना बना रहा है, जिससे पते की पुष्टि और आसान हो सकेगी।
ऐप से मिलेगी पहचान सत्यापन की नई सुविधा
UIDAI द्वारा तैयार किया गया यह नया ऐप मोबाइल-टू-मोबाइल या ऐप-टू-ऐप आधार ट्रांसफर की सुविधा देगा। इससे होटल में चेक-इन, ट्रेन यात्रा, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन और अन्य पहचान सत्यापन की जरूरतों में भी उपयोग किया जा सकेगा। खास बात यह है कि बिना आधारधारक की सहमति के कोई डेटा साझा नहीं किया जा सकेगा।
बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट भी होगा आसान
UIDAI CBSE और अन्य शिक्षा बोर्ड्स के साथ मिलकर बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट की प्रक्रिया को भी डिजिटल बना रहा है। 5 से 7 साल और 15 से 17 साल की उम्र में बायोमेट्रिक अपडेट जरूरी होता है। इसके लिए एक विशेष योजना बनाई गई है, जिसके तहत करीब 18 करोड़ बच्चों का डेटा अपडेट किया जाएगा।
गैर-सरकारी क्षेत्रों में भी मिलेगा आधार का लाभ
UIDAI अब उन संस्थानों के साथ भी काम कर रहा है जहां आधार का उपयोग अनिवार्य नहीं है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इनमें होटल, सुरक्षा एजेंसियां और संपत्ति पंजीकरण कार्यालय जैसे क्षेत्र शामिल हैं।