नई दिल्ली |अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का 11वां संस्करण आज पूरी दुनिया में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में आयोजित मुख्य समारोह में हिस्सा लिया और करीब 5 लाख लोगों के साथ एक साथ योग अभ्यास किया। कार्यक्रम सुबह 6:30 बजे शुरू होकर 7:45 बजे तक चला, जिसमें प्रधानमंत्री ने ‘कॉमन योगा प्रोटोकॉल’ के अंतर्गत योग कर लोगों को स्वस्थ जीवन के लिए योग अपनाने का संदेश दिया।
सीएम चंद्रबाबू नायडू भी रहे मंच पर शामिल
प्रधानमंत्री के साथ मंच पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी योग करते नजर आए। वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में यमुना किनारे योग करते हुए आयोजन में भाग लिया।
दुनियाभर में योग दिवस का आयोजन
इस बार योग दिवस दुनिया के 180 से अधिक देशों में मनाया जा रहा है। विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों और सांस्कृतिक केंद्रों में भी विशेष योग सत्र आयोजित किए गए। योग को वैश्विक पहचान दिलाने में भारत की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण रही है।
इस बार की थीम: ‘योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ’
साल 2025 के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम है: ‘Yoga for One Earth, One Health’, यानी “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग”। इस विषय का उद्देश्य है कि व्यक्ति अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ पृथ्वी के पर्यावरण संतुलन को भी समझे और योग के ज़रिए उसमें योगदान दे।
देशभर में व्यापक आयोजन
भारत में एक लाख से अधिक स्थानों पर सामूहिक योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें स्कूली छात्र, सरकारी अधिकारी, सैन्य बल, पुलिस कर्मी और आम नागरिक बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।
राजनाथ सिंह उधमपुर में सैनिकों संग करेंगे योग
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जम्मू-कश्मीर के उधमपुर कैंट क्षेत्र में सैनिकों के साथ योग करेंगे और सशस्त्र बलों से संवाद भी करेंगे। वह इस मौके पर सैनिकों की फिटनेस में योग की अहमियत पर बल देंगे।
‘योग संगम’ बना केंद्र बिंदु
इस साल के प्रमुख कार्यक्रम को ‘योग संगम’ नाम दिया गया है, जो समुद्र किनारे स्थित विशाखापट्टनम के खुले मैदान में आयोजित किया गया। इस मंच पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ योग गुरुओं, सैन्य जवानों, छात्रों, खिलाड़ियों और आम लोगों ने मिलकर योग किया।
योग दिवस की शुरुआत का सफर
गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत 2014 में हुई थी, जब प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इसका प्रस्ताव रखा था। महज 90 दिनों में 177 देशों के समर्थन के साथ 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित कर दिया गया और 2015 से यह दिन हर साल विश्व स्तर पर मनाया जा रहा है।