गुंटूर | आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में एक दर्दनाक हादसे ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। बुधवार को सत्तेनपल्ले की ओर जा रहे पूर्व मुख्यमंत्री व वाईएसआरसीपी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी के काफिले की एक कार से टकराकर 65 वर्षीय पार्टी कार्यकर्ता चीली सिंगैया की मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को इस मामले में जगन मोहन रेड्डी, उनके ड्राइवर रामना रेड्डी और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
हादसे की पूरी कहानी
जगन रेड्डी उस समय एक पार्टी कार्यकर्ता के परिजनों से मिलने जा रहे थे, जिसने एक साल पहले आत्महत्या की थी। उसी दौरान रास्ते में चीली सिंगैया कथित तौर पर काफिले की कार की चपेट में आ गए। उन्हें गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
बदला पुलिस का बयान, ड्राइवर हिरासत में
शुरुआत में पुलिस ने दावा किया था कि यह हादसा एक निजी वाहन से हुआ, जो काफिले में शामिल नहीं था। लेकिन बाद की जांच में सामने आया कि दुर्घटना जगन मोहन रेड्डी की कार से ही हुई थी। पुलिस ने ड्राइवर रामना रेड्डी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
एफआईआर में कई बड़े नाम शामिल
गुंटूर के पुलिस अधीक्षक सतीश कुमार ने बताया कि जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर एफआईआर में जगन मोहन रेड्डी के अलावा पूर्व सांसद वाईवी सुब्बा रेड्डी, पूर्व मंत्री पेरनी वेंकटरमैया (नानी) और पूर्व मंत्री विद्दाडाला रजनी के नाम भी जोड़े गए हैं। हादसे से जुड़ी धाराएं भी अब गंभीरता को देखते हुए बदली गई हैं।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू
वाईएसआरसीपी ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया है कि यह पूरी प्रक्रिया राजनीतिक दबाव में की गई है। पार्टी के नेताओं ने सवाल उठाया है कि पहले पुलिस ने बयान दिया था कि यह हादसा निजी वाहन से हुआ, लेकिन अब राजनीतिक कारणों से रुख बदला गया है। पार्टी ने इसे राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है।