हिसार । चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में पिछले कुछ दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा गठित कमेटी ने छात्रों से दो दिन तक बातचीत की, लेकिन वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। छात्रों की मुख्य मांग विश्वविद्यालय के कुलपति को हटाने की है, जिसे लेकर वे अब भी अड़े हुए हैं।
शिक्षा मंत्री बोले— छह मांगें मानी गईं, लेकिन वीसी को हटाने पर नहीं बनी सहमति
राज्य के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि कमेटी ने आंदोलनरत छात्रों से दो चरणों में वार्ता की है। छात्रों की सात में से छह मांगों को स्वीकार कर लिया गया है और उन पर अमल भी शुरू कर दिया गया है। लेकिन कुलपति को हटाने की मांग पर सहमति नहीं बन सकी।
ढांडा ने कहा कि जब छात्रों से कुलपति को हटाने का कारण पूछा गया तो उन्होंने इसे “नैतिक जिम्मेदारी” से जोड़ा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि कुलपति के खिलाफ शिकायतों की जांच में दोष सिद्ध होता है, तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने जताई सुरक्षा पर चिंता, छात्रों पर लगाए आरोप
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बैठक में बताया गया कि आंदोलन के दौरान छात्रों ने वाइस चांसलर की गाड़ी का घेराव किया, पथराव किया और हॉस्टल में तोड़फोड़ की। इन घटनाओं के वीडियो भी मौजूद हैं। बावजूद इसके, सरकार छात्रों की अधिकतर मांगें मानने को तैयार है।
शिक्षा मंत्री और भाजपा नेता ने लगाए भड़काने के आरोप
शिक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ लोग छात्रों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं भाजपा नेता कृष्ण बेदी ने आरोप लगाया कि आंदोलन को बाहर से दिशा दी जा रही है और यह पूरी स्क्रिप्ट पहले से तैयार की गई लगती है। उन्होंने कहा कि छात्र बैठक में रिकॉर्डिंग करते रहे और बाहर आकर अलग ही बात कह रहे हैं।
छात्रों का पलटवार— यह आंदोलन हमारा है, 24 जून को महापंचायत
छात्रों ने बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह से छात्रों का है और किसी राजनीतिक दल की इसमें भूमिका नहीं है। छात्रों ने स्पष्ट किया कि वे वीसी को हटाने की मांग से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने बताया कि 24 जून को महापंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें उन्हें न्याय की उम्मीद है।
छात्रों का कहना है कि जब तक कुलपति को हटाने की घोषणा नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनके खिलाफ लाठीचार्ज करवाया था, जो वीसी के निर्देश पर हुआ था।