नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों की अनदेखी सबसे ज्यादा हरियाणा और उत्तर प्रदेश के वाहन चालक कर रहे हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि चालान किए गए वाहनों में सबसे अधिक संख्या हरियाणा से संबंधित है, जबकि यूपी के वाहन दूसरे स्थान पर हैं। यह ट्रैफिक नियमों को लेकर राज्यों की लापरवाही का स्पष्ट संकेत है।
हरियाणा-यूपी के वाहनों की हिस्सेदारी 36.61%
कैमरा आधारित चालान के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनों में हरियाणा और उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 36.61% है। वहीं, अन्य राज्यों के वाहन मात्र 5.53% मामलों में नियमों का उल्लंघन करते पाए गए हैं।
ऑन द स्पॉट चालानों में भी हरियाणा अव्वल
दिल्ली पुलिस द्वारा मौके पर किए गए चालानों के आंकड़ों में भी हरियाणा शीर्ष पर है।
- हरियाणा के 1,54,833 वाहनों पर चालान
- यूपी के 1,40,155 वाहनों पर कार्रवाई
- दोनों राज्यों की संयुक्त हिस्सेदारी 18.67%
जबकि अन्य राज्यों के चालानों की हिस्सेदारी केवल 3.40% रही।
दिल्ली के अपने वाहन भी पीछे नहीं
हालांकि, राजधानी दिल्ली के वाहन चालकों की बात करें तो 77.93% चालान दिल्ली के रजिस्टर्ड वाहनों पर ही किए गए हैं। कुल 12,31,717 चालानों में से अधिकांश इसी श्रेणी में आते हैं, जो राजधानी में ट्रैफिक नियमों के पालन की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है।
कुल चालान और उल्लंघन की दर
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) सत्यबीर कटारा के अनुसार, 1 जनवरी से 8 जून 2025 तक कुल 13,38,057 चालान किए गए।
- हरियाणा के वाहनों की हिस्सेदारी: 21.29%
- यूपी के वाहनों की हिस्सेदारी: 15.32%
सख्ती की जरूरत
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि बाहरी राज्यों से आने वाले वाहन दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। ट्रैफिक पुलिस अब इस पर विशेष नजर रख रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है।