मुंबई। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव में नरमी और घरेलू शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत ने बुधवार को भारतीय रुपया को सहारा दिया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया शुरुआती कारोबार में 13 पैसे की मजबूती के साथ 85.92 प्रति डॉलर पर पहुंच गया।
मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, इजराइल और ईरान के बीच हालिया तनाव में कमी की उम्मीद और घरेलू निवेश धारणा में सुधार ने रुपये को मजबूती प्रदान की। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने रुपये की बढ़त को सीमित कर दिया।
रुपया 86.00 प्रति डॉलर पर खुला, जिसके बाद यह बढ़कर 85.92 पर पहुंच गया। यह मंगलवार के मुकाबले 13 पैसे की बढ़त है। गौरतलब है कि मंगलवार को रुपये ने पिछले पांच वर्षों की सबसे बड़ी एक दिवसीय बढ़त दर्ज की थी, जब यह 73 पैसे की मजबूती के साथ 86.05 पर बंद हुआ था।
तेल और डॉलर इंडेक्स की चाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में 1.30% की बढ़त दर्ज की गई और कीमत 68.01 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। वहीं, छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की तुलना में अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स हल्की 0.06% की बढ़त के साथ 97.91 पर रहा।
शेयर बाजार में तेजी का असर
घरेलू शेयर बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 426.79 अंकों की तेजी के साथ 82,481.90 तक पहुंच गया। वहीं, निफ्टी ने 123.25 अंकों की बढ़त के साथ 25,167.60 का स्तर छुआ।
विदेशी निवेशक बने बिकवाल
हालांकि, शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने मंगलवार को 5,266.01 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। इससे रुपये की मजबूती पर कुछ हद तक दबाव बना।