25 June, 2025
भगवान शिव के भक्तों के लिए साल का सबसे शुभ और आध्यात्मिक महीना — श्रावण मास — अब बस दस्तक देने ही वाला है। इस मास को सावन भी कहा जाता है और यह भक्ति, उपवास, व्रत, और जलाभिषेक का विशेष काल माना जाता है।
श्रावण मास कब से शुरू हो रहा है?
वर्ष 2025 में श्रावण मास 14 जुलाई, सोमवार से शुरू होकर 12 अगस्त, मंगलवार तक रहेगा। खास बात यह है कि इस बार श्रावण में पांच सोमवार पड़ रहे हैं, जो शिव उपासकों के लिए बेहद शुभ संयोग माना जा रहा है।
श्रावण सोमवार की तिथियाँ (2025)
- पहला सोमवार – 14 जुलाई
- दूसरा सोमवार – 21 जुलाई
- तीसरा सोमवार – 28 जुलाई
- चौथा सोमवार – 4 अगस्त
- पाँचवाँ सोमवार – 11 अगस्त
- श्रावण मास की महत्ता
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, श्रावण मास में भगवान शिव का जलाभिषेक करने से समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और भक्तों को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। यही वह महीना है जब समुद्र मंथन हुआ था और भगवान शिव ने विषपान कर सृष्टि की रक्षा की थी।
कैसे करें श्रावण की तैयारी?
1. घर की सफाई और पूजा स्थान की व्यवस्था करें:
श्रावण की शुरुआत से पहले ही घर और मंदिर/पूजा स्थल की सफाई कर लें।
2. व्रत की योजना बनाएं:
सोमवार के व्रत करने का संकल्प लें। चाहें तो पूरे महीने उपवास कर सकते हैं या सिर्फ सोमवार को फलाहार रख सकते हैं।
3. बेलपत्र, गंगाजल, धतूरा, भस्म आदि एकत्र करें:
भगवान शिव को अर्पित करने के लिए बेलपत्र, गंगाजल, आक-धतूरा, सफेद वस्त्र आदि की व्यवस्था रखें।
4. धार्मिक अनुष्ठानों की जानकारी लें:
कावड़ यात्रा, शिव महिमा पाठ, महामृत्युंजय जाप या रुद्राभिषेक के आयोजन के लिए स्थानीय मंदिरों से संपर्क करें।
5. सत्संग और भक्ति में समय बिताएं:
टीवी, मोबाइल और सोशल मीडिया से कुछ समय दूर रहकर ध्यान, जप और शिवपुराण का पाठ करें।
इस श्रावण करें ये संकल्प
- जल का अपव्यय न करें
- ज़रूरतमंदों को वस्त्र और भोजन दें
- पेड़-पौधे लगाएं, विशेषकर बेल का वृक्ष
- मांस-मदिरा और तामसिक आहार से दूर रहें
- शिव भक्ति में डूब जाइए इस श्रावण
श्रावण मास एक अवसर है आत्मिक शुद्धि और शिव कृपा पाने का। तो इस बार श्रद्धा, संयम और सेवा के साथ इस पावन मास का स्वागत करें।