27 June, 2025
काजोल की बहुप्रतीक्षित हॉरर फिल्म ‘मां’ 27 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और इसे लेकर दर्शकों में मिला-जुला उत्साह देखने को मिल रहा है। विशाल फुरिया के निर्देशन में बनी यह फिल्म अलौकिक घटनाओं, पारिवारिक भावनाओं और पौराणिक तत्वों का मिश्रण पेश करती है। हालांकि, काजोल का अभिनय दमदार है, लेकिन स्क्रिप्ट उतनी मजबूत नहीं लगती।
फिल्म की कहानी पश्चिम बंगाल के एक गांव में बसे रहस्यों के इर्द-गिर्द घूमती है। शुवांकर (इंद्रनील सेनगुप्ता) और अंबिका (काजोल) अपनी बेटी श्वेता के साथ शहर में रहते हैं। लेकिन जब वे पैतृक गांव लौटते हैं, तो एक के बाद एक डरावनी घटनाएं घटने लगती हैं।पहला हाफ तेज और आशाजनक है, लेकिन बाद में फिल्म पटरी से उतरती नजर आती है। अलौकिक घटनाएं प्रभावशाली हैं, पर कथानक बिखरा हुआ लगता है।काजोल का अभिनय फिल्म की जान है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत भी। लेकिन एक सशक्त अभिनेत्री के लिए इससे कहीं ज्यादा गहराई वाली स्क्रिप्ट की जरूरत महसूस होती है।