नई दिल्ली | साल 2025 के पहले छह महीनों में भारत का वित्तीय सेवाओं का क्षेत्र बाजार में सबसे मजबूत साबित हुआ है। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में इस दौरान करीब 16 प्रतिशत की तेजी देखी गई, जिससे यह साल की पहली छमाही का टॉप परफॉर्मिंग सेक्टर बन गया।
इंडेक्स ने शुक्रवार को इंट्राडे में 27,249 का उच्चतम स्तर छुआ, जो इसके पिछले 52 हफ्तों के निचले स्तर 22,321 से करीब 22 प्रतिशत ऊपर है। मई और जून में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की वापसी, घरेलू निवेशकों की भागीदारी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और वैश्विक तनावों में कमी जैसे कारकों ने बाजार को बल दिया।
विश्लेषकों को उम्मीद है कि जून तिमाही में बैंकिंग, बीमा और वित्तीय संस्थानों की आय में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। मार्च में इस इंडेक्स में 9 प्रतिशत, अप्रैल में 4 प्रतिशत, मई में 1.5 प्रतिशत और जून में अब तक 2.7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की जा चुकी है।
प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन
- एसबीआई कार्ड्स में लगभग 47.5 प्रतिशत की तेजी
- एमसीएक्स ने 41 प्रतिशत की बढ़त दिखाई
- बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एसबीआई लाइफ और चोलामंडलम फाइनेंस के शेयरों में 30 प्रतिशत से ज्यादा उछाल
- कोटक बैंक, श्रीराम फाइनेंस, एचडीएफसी लाइफ और मुथूट फाइनेंस के शेयर 20 से 30 प्रतिशत के दायरे में रहे
वहीं, कुछ कंपनियों के शेयरों में गिरावट भी देखने को मिली। आरईसी के शेयर करीब 20 प्रतिशत गिरे, पीएफसी में 6.6 प्रतिशत और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ के स्टॉक में 1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
रिजर्व बैंक की नई गाइडलाइंस ने निवेशकों को राहत दी है। प्रोजेक्ट फाइनेंस को लेकर जारी अंतिम दिशा-निर्देशों में ड्राफ्ट की तुलना में शर्तों को नरम किया गया है। अब नए प्रोजेक्ट्स पर केवल 1 से 1.25 प्रतिशत तक की प्रोविजनिंग अनिवार्य होगी, जबकि पहले यह सीमा 5 प्रतिशत तक प्रस्तावित थी।
इसके अलावा, आरईसी और पीएफसी जैसी कंपनियों को नई नीतियों से सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है क्योंकि उनके पास प्रोजेक्ट लोन का बड़ा पोर्टफोलियो है। वहीं, अक्टूबर 2025 से बजाज हाउसिंग, एलआईसी हाउसिंग, पिरामल और एलएंडटी फाइनेंस जैसी कंपनियों की फंडिंग लागत में वृद्धि का असर ग्राहकों पर ट्रांसफर किया जा सकता है।
वित्तीय सेक्टर की यह मजबूती संकेत देती है कि निवेशकों का भरोसा बरकरार है और नीतिगत स्थिरता के साथ-साथ वैश्विक माहौल में सुधार ने इस रैली को गति दी है।