अहमदाबाद | एयर इंडिया की अहमदाबाद-लंदन फ्लाइट AI-171 के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अब इस भयावह हादसे की गहराई से जांच की जा रही है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने जांच शुरू कर दी है और तोड़फोड़ की संभावना को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
हादसे में 274 लोगों की गई जान
12 जून को अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरने वाला विमान टेकऑफ के कुछ ही सेकेंड बाद मेघानीनगर इलाके में रिहायशी इमारतों पर गिर गया, जिससे जोरदार विस्फोट और आग लग गई। विमान में सवार 242 यात्री और क्रू मेंबर में से सिर्फ एक व्यक्ति जीवित बचा।
ब्लैक बॉक्स से मिले अहम सुराग
विमान के ब्लैक बॉक्स (FDR और CVR) को जांच के लिए AAIB के पास सुरक्षित रखा गया है। मंत्री मोहोल ने स्पष्ट किया कि इस डेटा की जांच भारत में ही की जाएगी, इसे विदेश नहीं भेजा जाएगा।
तकनीकी खराबी या साजिश?
हादसे के पीछे इंजन फेलियर को संभावित कारण माना जा रहा है, क्योंकि उड़ान के दौरान दोनों इंजन एक साथ बंद हो गए, जो एक अत्यंत दुर्लभ घटना मानी जाती है। इसके साथ ही ईंधन आपूर्ति या संभावित साजिश की आशंका भी खारिज नहीं की गई है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
मोहोल ने बताया कि कई सुरक्षा एजेंसियां और तकनीकी टीमें इस हादसे की जांच कर रही हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और हर पहलू पर नजर रखी जा रही है।
अब तक का सबसे बड़ा विमान हादसा
इस घटना में बीजे मेडिकल कॉलेज के नौ छात्रों सहित बड़ी संख्या में लोगों की जान गई। उड़ान भरने से पहले पायलट ने “मेडे” कॉल भी दिया था, लेकिन कुछ ही देर में विमान नीचे गिर गया।
जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि ब्लैक बॉक्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जल्द ही हादसे की असली वजह सामने आ सकेगी।