चंडीगढ़ | पंजाब सरकार ने बाल विवाह पर लगाम कसने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। अब यदि कोई माता-पिता कम उम्र में अपने बच्चों की शादी करवाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय ने इस दिशा में विशेष अभियान शुरू किया है और बाल विवाह को रोकने के लिए राज्यभर में निगरानी बढ़ा दी गई है।
राज्य में बीते 18 महीनों में 68 बाल विवाह रोके गए हैं। बाल संरक्षण अधिकारियों के मुताबिक, अधिकतर ऐसे मामले उन परिवारों से जुड़े हैं जो दूसरे राज्यों से पंजाब में रोजी-रोटी की तलाश में आते हैं। वहीं, स्थानीय स्तर पर बाल विवाह के अधिकतर केस अशिक्षित और निम्न आय वर्ग के परिवारों से सामने आ रहे हैं।
सरकार का कहना है कि बच्चों के भविष्य और अधिकारों की रक्षा के लिए बाल विवाह जैसे सामाजिक अपराध को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।