इस्लामाबाद | पाकिस्तान में सोमवार तड़के भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.3 मापी गई। भूकंप इतना तीव्र था कि लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
10 किमी गहराई में था भूकंप का केंद्र
जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज के अनुसार भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। वहीं, यूरो-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के मुताबिक झटकों का केंद्र मुल्तान से लगभग 149 किलोमीटर पश्चिम की ओर स्थित था। यह कंपन भारतीय समयानुसार सुबह 3:54 बजे दर्ज किया गया।
भूगर्भीय टकरावों से बना रहता है खतरा
पाकिस्तान की भौगोलिक स्थिति इसे बार-बार भूकंपों का केंद्र बनाती है। यह क्षेत्र भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के संधि-स्थल पर स्थित है। हर साल भारतीय प्लेट लगभग 5 सेमी की रफ्तार से यूरेशियन प्लेट से टकराती है, जिससे ज़मीन के भीतर लगातार तनाव बनता है और भूकंप की आशंका बनी रहती है। यही कारण है कि पाकिस्तान, भारत के उत्तर क्षेत्र, नेपाल और अफगानिस्तान को उच्च भूकंपीय जोन माना जाता है।
पाकिस्तान में भूकंप का कड़वा इतिहास
- 2005, मुजफ्फराबाद: 7.6 तीव्रता का भूकंप, 87,000 से अधिक लोगों की मौत
- 2007, बलूचिस्तान: 7.7 तीव्रता का झटका, 825 लोगों की मौत
इन हादसों ने साबित किया है कि यह क्षेत्र किसी भी समय बड़े भूगर्भीय संकट का सामना कर सकता है।
भूकंप के दौरान सुरक्षा के ज़रूरी उपाय:
- मजबूत संरचना के नीचे रहें: जैसे कि टेबल या बेड के नीचे
- खिड़कियों, दीवारों और बिजली की लाइनों से दूर रहें
- बाहर हों तो खुले स्थान पर जाएँ
- लिफ्ट का इस्तेमाल न करें, सीढ़ियाँ अपनाएँ
- घबराएं नहीं, अफवाहों से बचें, सरकारी निर्देशों का पालन करें
भले ही इस बार कोई गंभीर क्षति नहीं हुई, लेकिन यह घटना फिर से यह चेतावनी दे गई है कि यह इलाका भूकंपीय रूप से अत्यधिक संवेदनशील है और सतर्कता बेहद जरूरी है।