चंडीगढ़ | मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन (रजि.) के उत्तर भारत अध्यक्ष चंद्र शेखर धरणी के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से संत कबीर कुटीर में भेंट कर पत्रकारों से जुड़ी कई अहम मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मुख्य रूप से मीडिया की कैशलेस स्वास्थ्य नीति को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की गई, जिसकी घोषणा स्वयं मुख्यमंत्री ने पहले की थी। इस पर मुख्यमंत्री सैनी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नीति को जल्द अमल में लाया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि राजस्थान सरकार की तर्ज पर हरियाणा में भी अधिस्वीकृत पत्रकारों और उनके परिजनों के लिए हर साल 10 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की योजना बनाई जाए। राजस्थान सरकार ने हाल ही में ऐसी योजना की शुरुआत “राजस्थान पत्रकार स्वास्थ्य योजना” के नाम से की है।
MWB के अध्यक्ष चंद्र शेखर धरणी ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनका संगठन बिना किसी सदस्यता शुल्क के पत्रकारों के लिए 10 लाख रुपये तक का दुर्घटना और टर्म इंश्योरेंस कवर प्रदान करता है। संगठन की सक्रिय इकाइयाँ पंजाब, हिमाचल, चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में भी कार्यरत हैं।
अन्य प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- पत्रकारों की मासिक पेंशन ₹30,000 तक बढ़ाई जाए
- संगठन को भवन निर्माण के लिए एक कनाल जमीन आवंटित की जाए
- हरियाणा में पिछले 20 वर्षों से सक्रिय गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों को भी पेंशन योजना में शामिल किया जाए
- डिजिटल मीडिया की मान्यता प्रक्रिया को आसान बनाया जाए
- पत्रकारों के लिए पेंशन की आयु सीमा 60 से घटाकर 58 वर्ष की जाए
संस्था ने यह भी बताया कि कोरोना काल में पत्रकारों की दुर्दशा को देखते हुए इस संगठन की स्थापना की गई थी, और तब से यह संस्था आर्थिक व सामाजिक स्तर पर पत्रकारों का सहयोग करती आ रही है।