1 जुलाई, 2025
आज का दिन हनुमान भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। मंगलवार और शनिवार दोनों ही दिन बजरंगबली की उपासना के लिए सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं। देशभर के मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। लोग प्रसाद चढ़ा रहे हैं, हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं, और सबसे खास — हनुमान जी को सिंदूर अर्पित कर रहे हैं।लेकिन क्या आप जानते हैं कि हनुमान जी को सिंदूर क्यों चढ़ाया जाता है? इसके पीछे एक अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक पौराणिक कथा है।
जब हनुमान जी ने अपने पूरे शरीर पर लगा लिया सिंदूर…
एक दिन श्रीराम की अर्द्धांगिनी माता सीता अपने मांग में सिंदूर भर रही थीं। हनुमान जी ने जिज्ञासावश पूछा, “माते, आप यह लाल पदार्थ क्यों लगाती हैं?” सीता माता ने मुस्कराकर उत्तर दिया, “यह मैं प्रभु श्रीराम की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए लगाती हूँ।”
यह सुनते ही रामभक्त हनुमान का ह्रदय भावुक हो उठा। वे सोचने लगे, यदि केवल थोड़ा-सा सिंदूर प्रभु की भलाई के लिए इतना फलदायी है, तो मैं क्यों न पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लूँ!
बस फिर क्या था, उन्होंने अपने संपूर्ण शरीर पर सिंदूर पोत लिया और श्रीराम के दरबार में आ गए। यह देखकर भगवान श्रीराम अत्यंत प्रसन्न हुए और कहा —
“जो भी श्रद्धा से तुम्हें सिंदूर चढ़ाएगा, उसकी मनोकामनाएँ पूर्ण होंगी और मेरी कृपा सदा बनी रहेगी।”
सिंदूर: साहस, शक्ति और समर्पण का प्रतीक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सिंदूर अग्नि तत्व का प्रतीक है, जो हनुमान जी की शक्ति, तेज और भक्ति को दर्शाता है। इसे चढ़ाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, भय और रोग समाप्त होते हैं और जीवन में उत्साह का संचार होता है।
आज के दिन कैसे करें पूजन?
🔹 सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
🔹 हनुमान जी की प्रतिमा पर गुलाब पुष्प, गुड़ और सिंदूर अर्पित करें।
🔹 “ॐ हं हनुमते नमः” मंत्र का जाप करें।
🔹 हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें।
🔹 अंत में आरती कर सभी को प्रसाद वितरित करें।
भक्ति में है शक्ति: सिंदूर चढ़ाएं और पाएं हनुमान जी की कृपा
आज के दिन यदि आप सच्चे मन से सिंदूर अर्पित करते हैं, तो यह केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि हनुमान जी के प्रति आपकी निस्वार्थ भक्ति का प्रतीक है। यह श्रद्धा आपको मानसिक बल, रोग से रक्षा, भय से मुक्ति और आत्मविश्वास प्रदान करती है।