नई दिल्ली | भारतीय जनता पार्टी (BJP) में बड़े संगठनात्मक बदलाव की सुगबुगाहट है। पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं के मुताबिक, जल्द ही नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान किया जा सकता है। इस बार कमान एक महिला नेता को सौंपे जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
जेपी नड्डा का कार्यकाल समाप्त, नए नेतृत्व की तलाश शुरू
जेपी नड्डा का कार्यकाल जनवरी 2023 में समाप्त हो चुका था, लेकिन आगामी लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने उनका कार्यकाल जून 2024 तक बढ़ा दिया था। अब जबकि लोकसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं और भाजपा दोबारा केंद्र की सत्ता में आ चुकी है, संगठन में नए चेहरे की नियुक्ति की तैयारी तेज़ हो गई है।
महिला नेतृत्व की दिशा में रणनीतिक कदम
सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व इस बार एक महिला को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर नारी सशक्तिकरण का मजबूत संदेश देना चाहता है। यह कदम आगामी लोकसभा परिसीमन के बाद लागू होने वाले 33% महिला आरक्षण को ध्यान में रखते हुए भी अहम माना जा रहा है।
इन नामों की चर्चा जोरों पर:
- निर्मला सीतारमण:
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस दौड़ में सबसे आगे मानी जा रही हैं। हाल ही में पार्टी मुख्यालय में जेपी नड्डा और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष के साथ हुई बैठक को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। वे पूर्व में रक्षा मंत्री भी रह चुकी हैं और संगठन में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। दक्षिण भारत में पार्टी के विस्तार को लेकर भी वे एक अहम चेहरा साबित हो सकती हैं। - डी. पुरंदेश्वरी:
पूर्व केंद्रीय मंत्री और आंध्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रह चुकीं डी. पुरंदेश्वरी भी इस रेस में एक मजबूत दावेदार हैं। उनके पास बहुभाषी नेतृत्व क्षमता और विभिन्न दलों के साथ काम करने का अनुभव है। हाल ही में वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करती नज़र आईं। - वानती श्रीनिवासन:
तमिलनाडु की विधायक वानती श्रीनिवासन भी इस रेस में हैं। वे भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और 2022 में भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य बनीं—ऐसा करने वाली पहली तमिल महिला। कोयंबटूर साउथ से विधायक वानती संगठन में लंबे समय से सक्रिय हैं।
आरएसएस ने भी जताया समर्थन
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी महिला अध्यक्ष के प्रस्ताव को समर्थन दिया है। संघ का मानना है कि यह कदम पार्टी के लिए सकारात्मक माहौल बनाएगा और महिला मतदाताओं को भाजपा से और जोड़ने में मदद करेगा, जिनकी भूमिका हाल के चुनावों में निर्णायक रही है।