Una, 6 July
हिमाचल प्रदेश के ऊना ज़िले में शनिवार को हुई भीषण बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। जिले की सवा नदी उफान पर है, जिससे कई इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति बन गई है। घरों, दुकानों और पेट्रोल पंपों में पानी घुस गया, जिससे लाखों का नुकसान हुआ है।
बसाल क्षेत्र के कई घरों में पानी भरने से लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। लोगों की आंखों में आंसू हैं, क्योंकि उनकी मेहनत से बनाए गए घरों में रखा सारा कीमती सामान बारिश के पानी में बर्बाद हो गया।
40 मजदूरों को किया गया सुरक्षित रेस्क्यू
बारिश का कहर सिर्फ घरों तक ही सीमित नहीं रहा। एक स्थानीय इंडस्ट्री में पानी घुसने से वहां काम कर रहे 40 से अधिक मजदूर फंस गए, जिन्हें फायर विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला। विभाग की टीम अब जलनिकासी के कार्य में भी जुटी हुई है।
प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को पहले ही जलभराव की आशंका के बारे में चेताया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब जब संकट सामने है, तो अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते नालों और खड्डों की सफाई कर दी जाती, तो यह स्थिति नहीं आती।
मुख्य मार्गों पर भी भरा पानी, यातायात बाधित
भारी बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य मुख्य सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही में भी बाधा उत्पन्न हुई है। हाईवे पर पानी भरने से गाड़ियों की आवाजाही बेहद मुश्किल हो गई है।
मीडिया की मौजूदगी में दिखा जमीनी हाल
द समर न्यूज़ की टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्राउंड ज़ीरो से स्थिति का जायज़ा लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बसाल और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव के कारण कई घरों की दीवारें कमजोर हो चुकी हैं, और कुछ टूटने की कगार पर हैं।
लोगों की गुहार — जल्द हो निकासी की व्यवस्था
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जलभराव से राहत दिलाने के लिए त्वरित कदम उठाए जाएं। लोगों ने कहा कि अगर निकासी की व्यवस्था तुरंत नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।