Kullu, 6 July
हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध पर्यटन नगरी मनाली इस समय भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं की आशंका के कारण पर्यटन मंदी के दौर से गुजर रही है। पिछले कुछ दिनों में सैंज घाटी में बादल फटने और लगातार हो रही वर्षा के चलते होटल बुकिंग्स धड़ाधड़ रद्द हो रही हैं, जिससे स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों की चिंता बढ़ गई है।
बुकिंग्स में भारी गिरावट, महज़ 5% ऑक्यूपेंसी
इस बार मानसून के दौरान मनाली में वह रौनक नहीं दिख रही जो हर साल होती थी। होटल मालिकों के अनुसार, सीज़न के लिए 70 प्रतिशत एडवांस बुकिंग थी, लेकिन अब 90 प्रतिशत तक बुकिंग्स रद्द हो चुकी हैं। कई होटलों में ऑक्यूपेंसी महज 5-10% तक रह गई है।वरुण पंडित, मनाली के एक होटल व्यवसायी ने बताया,“मई में वॉर की वजह से पर्यटन प्रभावित हुआ, जून में थोड़ी रफ्तार आई लेकिन जुलाई में जो उम्मीद थी, वह भी खत्म हो गई। इस समय लेह जाने वाले बाइकर्स भी नहीं आए। सोशल मीडिया पर फैल रही बाढ़ की खबरों से पर्यटक डर गए हैं, जबकि मनाली अभी पूरी तरह से सुरक्षित है। नुकसान ऊपरी क्षेत्रों में हुआ है, न कि मुख्य पर्यटन स्थलों में।”
गलत सूचनाओं से बना डर का माहौल
स्थानीय ट्रैवल एजेंट अभिनव का कहना है कि वर्तमान में न केवल नई बुकिंग्स बंद हैं, बल्कि पुरानी बुकिंग्स भी 70% तक रद्द हो चुकी हैं।उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया में वायरल पुराने वीडियो और भ्रामक सूचनाओं के कारण पर्यटक भ्रमित हैं। जबकि मनाली और आसपास के प्रमुख इलाके पूरी तरह से सामान्य हैं।”
पर्यटन व्यवसायियों की अपील — चलाया जाए जागरूकता अभियान
पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि मनाली की वास्तविक स्थिति को लेकर सकारात्मक जनसंपर्क अभियान चलाया जाए।
उनका कहना है कि यदि स्थिति को स्पष्ट नहीं किया गया तो आने वाले तीन महीनों तक पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
वर्तमान में मनाली का मौसम सुहावना और सुरक्षित है। पर्यटकों को आश्वस्त करना ज़रूरी है कि वे निसंकोच यहां आ सकते हैं और यह क्षेत्र अब भी यात्रा के लिए उपयुक्त है।