चंडीगढ़ | शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की कानूनी परेशानियां लगातार गहराती जा रही हैं। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मजीठिया की उस याचिका पर राहत देने से इनकार कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को अवैध करार देते हुए रिहाई की मांग की थी। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 29 जुलाई निर्धारित की है। तब तक मजीठिया को जेल में ही रहना होगा।
पहले से न्यायिक हिरासत में हैं मजीठिया
इससे पहले 6 जुलाई को पंजाब विजिलेंस विभाग ने मजीठिया को मोहाली कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद उन्हें न्यू नाभा जेल में स्थानांतरित कर दिया गया।
540 करोड़ की बेनामी संपत्ति रखने का आरोप
गौरतलब है कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया को उनके अमृतसर स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। उन पर आय से अधिक लगभग ₹540 करोड़ की संपत्ति रखने का आरोप है। यह मामला भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच विजिलेंस विभाग द्वारा की जा रही है।