Kullu, Manminder– कुल्लू जिले की खराहल घाटी में प्रस्तावित बिजली महादेव रोपवे परियोजना का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। पर्यावरणीय चिंताओं के चलते रामशिला में स्थानीय ग्रामीणों, विशेष रूप से महिलाओं, ने जोरदार प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि जंगलों को काटकर किया जा रहा विकास उनके लिए अस्वीकार्य है।
करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से केंद्र सरकार द्वारा इस रोपवे का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे सैलानियों की बिजली महादेव मंदिर तक आसान पहुंच सुनिश्चित की जा सके। लेकिन हाल ही में जंगल में हो रही पेड़ों की कटाई की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया है।प्रदर्शन में शामिल कंचन, विजय कुमार, शांता देवी और हेमा शर्मा जैसी ग्रामीणों ने बताया कि देश के अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में भी विकास के नाम पर जंगलों को काटा गया है, जिसके बाद उन इलाकों में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ गया। उनका मानना है कि इसी तरह की स्थिति से बचने के लिए अभी से सख्त कदम उठाने होंगे।
ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन
ग्रामीणों का आरोप है कि पहले कुछ नेताओं ने रोपवे का विरोध किया था, लेकिन अब वे भी खामोश हैं, जिससे शक होता है कि राजनीतिक स्तर पर आपसी मिलीभगत हो रही है। इतना ही नहीं, ग्रामीणों का दावा है कि भगवान बिजली महादेव ने भी इस रोपवे को लेकर सहमति नहीं दी है।बीते दिनों एक ट्रक में लकड़ियां ले जाए जाने पर महिलाओं ने ट्रक को रोक लिया था। उस समय वन विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि वे प्रशासनिक टीम के साथ आकर ग्रामीणों से संवाद करेंगे, लेकिन मंगलवार को भी कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि रोपवे निर्माण को रद्द नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में वे अपना विरोध और तेज करेंगे। उनकी मांग साफ है – “प्रकृति के विनाश पर आधारित विकास उन्हें स्वीकार नहीं।”