टोरंटो | मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा के कनाडा स्थित ‘Caps Café’ पर हुई फायरिंग की खबर ने सनसनी फैला दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक हमलावर कार से उतरकर कैफे पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाता दिख रहा है। इस हमले में खालिस्तानी आतंकी हरजीत सिंह उर्फ लाडी का नाम सामने आया है, जो पंजाब के नवांशहर जिले के गरपधाना गांव का रहने वाला है।
आतंकी लाडी पर NIA का शिकंजा, 10 लाख का इनाम
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हरजीत सिंह लाडी को फरार आतंकी घोषित कर रखा है और उस पर ₹10 लाख का इनाम रखा गया है। लाडी खालिस्तान समर्थक नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है और उसका संबंध बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) जैसे आतंकी संगठनों के विदेशी हैंडलरों से बताया जा रहा है।
VHP नेता की हत्या में भी शामिल
हरजीत लाडी का नाम VHP नेता विकास बग्गा की हत्या में भी सामने आ चुका है। जून 2024 में जब यह मामला NIA को सौंपा गया, तब जांच में सामने आया कि लाडी समेत कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू और अन्य लोग हत्या की साजिश में शामिल थे।
बब्बर खालसा और आतंकी फंडिंग से जुड़ाव
NIA की जांच में यह भी सामने आया है कि लाडी न केवल खुद सक्रिय है, बल्कि विदेशों में बैठे खालिस्तानी फाइनेंसरों और ऑपरेटिव्स से भी लगातार संपर्क में है। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह पता चला है कि वह आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग और संचार नेटवर्क में अहम भूमिका निभा रहा है।
पंजाब पुलिस की FIR नहीं, लेकिन NIA की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शीर्ष पर
हैरानी की बात यह है कि पंजाब पुलिस ने अब तक हरजीत लाडी के खिलाफ कोई FIR या चार्जशीट दर्ज नहीं की है। हालांकि, NIA की मोस्ट वांटेड लिस्ट में उसका नाम सबसे ऊपर है, जिससे पता चलता है कि उसके खिलाफ सबूत बेहद गंभीर और संवेदनशील हैं।
NIA ने सूचना देने के लिए खोली कई चैनल
लाडी की गिरफ्तारी के लिए NIA ने न सिर्फ इनाम की घोषणा की है, बल्कि सूचना देने के लिए व्हाट्सएप नंबर, ई-मेल और कंट्रोल रूम हेल्पलाइन भी जारी की है। जांच एजेंसी का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद खालिस्तानी नेटवर्क से जुड़े कई और चेहरे सामने आ सकते हैं, जो भारत के खिलाफ विदेशों में साजिश रच रहे हैं।
भारत-विरोधी गतिविधियों पर सवाल
यह घटना ना केवल कपिल शर्मा के नाम से जुड़ी कैफे पर हमले के चलते चर्चा में है, बल्कि यह कनाडा में सक्रिय खालिस्तानी गतिविधियों और उनके बढ़ते प्रभाव को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करती है। भारत पहले ही कई बार कनाडा सरकार से इस तरह की गतिविधियों पर कार्रवाई की मांग कर चुका है।