बीजिंग | भारत ने ऐसा कूटनीतिक दांव खेला है, जिसकी कल्पना पाकिस्तान ने शायद सपने में भी नहीं की थी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की चीन यात्रा ने इस्लामाबाद की नींद उड़ा दी है। जयशंकर तीन दिवसीय दौरे पर चीन पहुंचे हैं और यह वही देश है जिसे पाकिस्तान दशकों से “ऑल वेदर फ्रेंड” कहता आया है।
बीजिंग पहुंचते ही जयशंकर ने चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों में सुधार पर जोर दिया। उन्होंने SCO की अध्यक्षता के लिए चीन को भारत का समर्थन भी दिया, जो इस मुलाकात को और अहम बना देता है।
यह दौरा ऐसे वक्त हो रहा है जब 2020 की गलवान झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे। अब जयशंकर की यात्रा को नई शुरुआत के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत-चीन की बढ़ती नजदीकियां पाकिस्तान के लिए कूटनीतिक झटका साबित हो सकती हैं। अगर चीन भारत के साथ सहयोग बढ़ाता है, तो पाकिस्तान की विदेश नीति की नींव हिल सकती है।
जयशंकर SCO बैठक में हिस्सा लेने के साथ-साथ महासचिव नुरलान येरमेकबायेव से भी मिले, जिससे भारत की सक्रिय विदेश नीति और स्पष्ट होती दिख रही है।