गुरुग्राम | साइबर अपराधी किस हद तक लोगों को भ्रमित कर सकते हैं, इसकी बानगी हाल ही में सामने आई एक ठगी के मामले में देखने को मिली। गुरुग्राम के साइबर क्राइम थाना पश्चिम में एक शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे एक फोन कॉल आया जिसमें खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने मुंबई के अंधेरी थाने में शिकायत दर्ज होने और मनी लॉन्ड्रिंग में नाम आने की बात कही।
फोन पर वीडियो कॉल के जरिए खुद को पुलिस और फिर CBI अधिकारी बताने वाले लोगों ने पीड़ित को “डिजिटल अरेस्ट” करने की बात कहकर डराया और फिर उसके खाते से बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली। इस धोखाधड़ी में पीड़ित से लाखों रुपये की ठगी कर ली गई।
शिकायत पर कार्रवाई करते हुए साइबर अपराध पश्चिम थाना प्रभारी संदीप कुमार और उनकी टीम ने सहायक पुलिस अधीक्षक प्रियांशु दीवान (HPS) के नेतृत्व में जांच शुरू की और 17 जुलाई को एक आरोपी को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के रहने वाले 47 वर्षीय बापी दास के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि ठगी गई राशि में से लगभग 45 लाख रुपये आरोपी के खाते में ट्रांसफर हुए थे, जिसे उसने एक साथी को एक लाख रुपये में बेच दिया था। साथ ही आरोपी पर पहले से ही मुंबई में साइबर ठगी के तीन मामले दर्ज हैं।
अब तक इस केस में कुल 64 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं और पुलिस की जांच जारी है।
यह मामला साइबर ठगों की नई चाल और आम जनता के लिए चेतावनी है कि वे किसी भी अज्ञात कॉल या वीडियो कॉल पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें।