18 July, 2025
आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में छोटी सी परेशानी में भी लोग तुरंत दवाइयों का सहारा लेने लगे हैं। सिरदर्द, बदन दर्द, नींद न आना या पेट दर्द जैसी आम समस्याओं में भी बिना डॉक्टर की सलाह लिए दवाई खा लेना एक आम आदत बनती जा रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आदत आपकी सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकती है?
विशेषज्ञों की चेतावनी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जरूरत से ज्यादा या बिना उचित परामर्श के ली गई दवाइयां शरीर के अंदरूनी अंगों पर बुरा असर डाल सकती हैं। खासकर, जिगर (लीवर), किडनी और दिल पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है।
डॉ. नीलम शर्मा, एम्स की वरिष्ठ चिकित्सक, कहती हैं, “दवाइयां राहत जरूर देती हैं, लेकिन इनका अत्यधिक सेवन शरीर में विषैले तत्वों की मात्रा बढ़ा सकता है। यह धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर बना देता है।”
ये समस्याएं हो सकती हैं ज्यादा दवाइयों से:
- लिवर डैमेज: पेनकिलर या बुखार की गोलियां लिवर पर असर डालती हैं।
- किडनी फेलियर: बिना जरूरत की ऐंटीबायोटिक्स किडनी को नुकसान पहुंचाती हैं।
- ड्रग डिपेंडेंसी: दवाओं की आदत लगने से शरीर उनकी मांग करने लगता है।
- प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर: बार-बार दवा लेने से शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है।
सावधानी ही बचाव है
- दवाई हमेशा डॉक्टर की सलाह पर लें।
- छोटी-मोटी बीमारियों में घरेलू उपाय या आराम को प्राथमिकता दें।
- लेबल पढ़कर दवा की मात्रा और समय का ध्यान रखें।
- अपने शरीर की सुनें — बार-बार बीमार पड़ना खुद एक संकेत है कि कुछ सही नहीं हो रहा।
दवाइयों का काम इलाज करना है, लेकिन जरूरत से ज्यादा सेवन से ये खुद एक बीमारी बन सकती हैं। इसलिए सावधानी बरतें, डॉक्टर की सलाह लें, और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।