Mandi, Dharamveer
आपदा के 19 दिन बाद भी सराज क्षेत्र की अधिकांश सड़कों की हालत जस की तस बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिंक रोड अब तक बहाल नहीं हो सके हैं, जिससे न केवल स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि बागवानों की बची-खुची फसलें भी खतरे में हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री और सराज से विधायक जयराम ठाकुर ने लोगों से मशीनरी की मदद मांगी है। उन्होंने पोकलेन, जेसीबी और टिप्पर मालिकों से अपील की है कि वे एक महीने के लिए अपनी मशीनें सराज भेजें। जयराम ठाकुर ने भरोसा दिलाया है कि मशीनों के तेल का खर्च वे स्वयं वहन करेंगे।उन्होंने कहा कि “सेब की फसल तैयार है, लेकिन सड़कें बंद होने से उसे मंडियों तक नहीं पहुंचाया जा पा रहा। बिजली-पानी जैसी सुविधाएं भी गांवों तक नहीं पहुंच पा रहीं।”
बागवानों का दर्द
स्थानीय बागवान धर्मचंद ने बताया कि भारी बारिश और भूस्खलन से सेब के बाग उजड़ गए हैं, और आलू, गोभी, मटर की फसलें खेतों सहित बह चुकी हैं। जो थोड़ी बहुत फसलें बची हैं, वे भी समय रहते न पहुंचीं तो बर्बाद हो जाएंगी।