ब्रसेल्स/लंदन | यूक्रेन पर रूस के आक्रमण को तीन साल से ज्यादा हो चुके हैं और अब पश्चिमी देश रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए निर्णायक कदम उठा रहे हैं। शुक्रवार को यूरोपीय संघ (EU) और ब्रिटेन ने रूस पर एक नए और सख्त प्रतिबंध पैकेज का ऐलान किया है। इसमें मॉस्को के ऊर्जा क्षेत्र, पुराने तेल टैंकरों के बेड़े और सैन्य खुफिया एजेंसी GRU के अधिकारियों को सीधे निशाना बनाया गया है।
EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने कहा कि यह अब तक रूस पर लगाया गया सबसे कड़ा प्रतिबंध पैकेज है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूरोप तब तक दबाव बनाता रहेगा, जब तक रूस यह युद्ध समाप्त नहीं करता। “संदेश साफ है – यूरोप पीछे नहीं हटेगा,” – काजा कालास, EU विदेश नीति प्रमुख
जेलेंस्की ने बताया ‘समय पर उठाया गया कदम’
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने EU के इस कदम का स्वागत किया और इसे रूस के बढ़ते हमलों के बीच एक अहम और समय पर लिया गया फैसला बताया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन भी जल्द ही अतिरिक्त प्रतिबंधों का ऐलान करेगा और EU के साथ समन्वय करेगा। “युद्ध में इस्तेमाल हो रहे सभी रूसी ढांचों को ब्लॉक किया जाना जरूरी है,” – जेलेंस्की
ब्रिटेन ने GRU अफसरों को भी किया टारगेट
ब्रिटेन ने रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी GRU की कई इकाइयों और 18 अधिकारियों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं। इन अधिकारियों पर 2022 में मारियुपोल के थिएटर पर बमबारी की योजना और एक पूर्व रूसी जासूस के परिवार को जहर देने की साजिश में शामिल होने का आरोप है।
मार्च 2022 में मारियुपोल के उस थिएटर में सैकड़ों नागरिकों ने शरण ली थी, जहां बाद में भीषण बमबारी हुई और बड़ी संख्या में मौतें हुई थीं।
रूस ने खारिज किया EU और ब्रिटेन का कदम
रूसी राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने EU और ब्रिटेन के नए प्रतिबंधों को अवैध करार दिया। उन्होंने कहा कि रूस अब ऐसे प्रतिबंधों के बीच जीना सीख चुका है और नए प्रतिबंधों के प्रभाव को कम करने की रणनीति बनाई जाएगी। “हम इन एकतरफा प्रतिबंधों को अवैध मानते हैं। लेकिन हमने ऐसी स्थितियों से निपटना सीख लिया है,” दमित्री पेस्कोव, क्रेमलिन प्रवक्ता।