Shimla, Sanju
आपदा से तबाह मंडी जिले के प्रभावित इलाकों का 20 दिन तक दौरा करने के बाद शिमला लौटे नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने सरकार पर आपदा राहत के बजाय राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ाने का आरोप लगाया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मंडी जिले में भारी बारिश और भूस्खलन ने 30 साल की विकास की मेहनत को एक झटके में खत्म कर दिया है। “एक रात में 24 लोगों की जान चली गई और सराज, करसोग व नाचन जैसे विधानसभा क्षेत्र गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं,” उन्होंने कहा।उन्होंने दावा किया कि मंडी जिले में अब तक करीब 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है और सराज विधानसभा क्षेत्र में 5000 से अधिक घर पूरी तरह प्रभावित हुए हैं।
मुख्यमंत्री को राजनीति छोड़ राहत पर ध्यान देना चाहिए”
प्रेस वार्ता के दौरान ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह कहना कि जयराम ठाकुर अपने क्षेत्र में 10 दिन रहें, “राजनीतिक बयानबाजी” है। ठाकुर ने स्पष्ट किया कि वह अपने क्षेत्र में 20 दिन रहे और लोगों की सेवा करना उनका नैतिक कर्तव्य है।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के बयान पर भी उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि ऐसी आपदा की घड़ी में ऐसे बयान न केवल असंवेदनशील हैं, बल्कि स्थिति को और अधिक बिगाड़ते हैं।
सराज को छोड़ दिया गया पटवारी और एक करोड़ के भरोसे
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि आपदा प्रबंधन में सरकार की भूमिका बेहद निराशाजनक रही है। “लोक निर्माण विभाग को 500 करोड़ का नुकसान हुआ, लेकिन मुख्यमंत्री सिर्फ एक करोड़ की राहत राशि देकर चले गए,” उन्होंने कहा।
संस्थानों की शिफ्टिंग पर भी उठाए सवाल
ठाकुर ने सरकार पर आरोप लगाया कि आपदा के समय में भी संस्थानों को स्थानांतरित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज मंत्री ने उनसे प्रशिक्षण संस्थान को सराज से हटाने की बात कही, जिसे उन्होंने साफ तौर पर अस्वीकार कर दिया।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सराज में बनने वाले हॉर्टिकल्चर कॉलेज के लिए मंजूर किया गया 10 करोड़ का बजट सरकार ने वापिस ले लिया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
सरकार से ज्यादा मदद सामाजिक संस्थानों ने की”
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार से कहीं अधिक सामाजिक संगठनों ने राहत और मदद पहुंचाई है। यह सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।