नई दिल्ली | संसद के मानसून सत्र का पहला हफ्ता हंगामेदार रहा, और अब दूसरे हफ्ते में भी टकराव और तीखा बहस जारी रहने के आसार हैं। केंद्र और विपक्ष एक बार फिर आमने-सामने हैं। इस बार मुद्दा है पहलगाम आतंकी हमला और उसके जवाब में सेना द्वारा की गई कार्रवाई – ‘ऑपरेशन सिंदूर’। यह विषय सोमवार को संसद में चर्चा का मुख्य केंद्र रहेगा और पूरे देश की निगाहें इस बहुप्रतीक्षित बहस पर टिकी हुई हैं।
सदन में हंगामे की आहट, कार्यवाही स्थगित
लोकसभा में संभावित हंगामे को देखते हुए कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। सरकार की मंशा है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आज ही विस्तार से चर्चा हो, ताकि विपक्ष के सवालों का जवाब दिया जा सके।
सरकार बनाम विपक्ष – कौन क्या कहेगा?
सूत्रों के अनुसार, सरकार की ओर से गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सदन में रणनीतिक व कूटनीतिक पक्ष रखेंगे। वहीं विपक्ष की ओर से कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ सपा प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य दलों के नेता सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा मोर्चे पर घेरने की तैयारी में हैं।
क्यों अहम है ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बहस?
हालिया पहलगाम आतंकी हमले में जवानों की शहादत के बाद भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई को लेकर सत्तापक्ष इसे ‘सर्जिकल स्ट्राइक से भी बड़ा ऑपरेशन’ बता रहा है। विपक्ष इस पर पारदर्शिता और सरकार की नीति पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में यह बहस ना सिर्फ सत्र की दिशा तय करेगी बल्कि 2024 के बाद के राजनीतिक माहौल पर भी असर डाल सकती है।