28 July, 2025
मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में रवींद्र जडेजा ने नाबाद 107 रनों की यादगार पारी खेलकर न केवल भारत को चौथे टेस्ट मैच में हार से बचाया, बल्कि भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक सुनहरा अध्याय भी जोड़ दिया। उनकी यह शानदार पारी कई कीर्तिमानों के साथ आई और टीम इंडिया के लिए बेहद अहम साबित हुई।
छठे या निचले क्रम पर इंग्लैंड में दो टेस्ट शतक लगाने वाले पहले भारतीय
जडेजा अब इंग्लैंड में छठे या उससे नीचे के क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए दो टेस्ट शतक लगाने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। यह उपलब्धि विदेशी सरज़मीं पर उनकी बल्लेबाजी में आई निरंतरता और परिपक्वता को दर्शाती है।
एमएस धोनी का रिकॉर्ड टूटा
इस शतक के साथ जडेजा के इस श्रृंखला में 454 रन हो गए हैं, जिससे उन्होंने 2014 में इंग्लैंड दौरे पर एमएस धोनी के बनाए 349 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। अब यह किसी एशियाई बल्लेबाज़ द्वारा इंग्लैंड में छठे या उससे निचले क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए सबसे अधिक रन बनाने वाली टेस्ट श्रृंखला बन गई है।
1000 रन और 30 विकेट का दुर्लभ क्लब
जडेजा अब विदेशी धरती पर 1000 रन और 30 विकेट लेने वाले केवल तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि इंग्लैंड के विल्फ्रेड रोड्स और वेस्टइंडीज के गैरी सोबर्स को ही हासिल थी।
इंग्लैंड में टेस्ट में पूरे किए 30 विकेट
दूसरी पारी में जडेजा ने 37.1 ओवर में 143 रन देकर 4 विकेट झटके, जिसमें जैक क्रॉली, जो रूट, बेन स्टोक्स और ब्रायडन कार्से के महत्वपूर्ण विकेट शामिल थे। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने इंग्लैंड में विदेशी धरती पर टेस्ट मैचों में 30 विकेट पूरे कर लिए हैं।
जडेजा और सुंदर के बीच ऐतिहासिक साझेदारी
पाँचवें दिन भारत दबाव में था, लेकिन जडेजा और वाशिंगटन सुंदर ने संयम और आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए पाँचवें विकेट के लिए नाबाद 203 रनों की साझेदारी की। यह इंग्लैंड में किसी भारतीय जोड़ी द्वारा पाँचवें विकेट के लिए अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी है।
सुंदर का पहला टेस्ट शतक
वाशिंगटन सुंदर ने भी करियर का पहला टेस्ट शतक जमाया और 101* रन बनाकर नाबाद लौटे। जडेजा के साथ उनकी यह साझेदारी भारत की ओर से श्रृंखला की 10वीं शतकीय साझेदारी बनी — जो किसी एक श्रृंखला में भारत की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारियों की संख्या है, 1978/79 में वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज में दर्ज 11 साझेदारियों के बाद।
श्रृंखला में इंग्लैंड 2-1 से आगे
इस मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए भारत ने मैच ड्रॉ कराया और ओवल में होने वाले अंतिम टेस्ट से पहले श्रृंखला में अपनी उम्मीदें बनाए रखीं। हालांकि इंग्लैंड अभी भी 2-1 से आगे है।