Shimla, Sanju
हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल IGMC शिमला में अब एनएसएस और एनसीसी कैडेट्स मरीजों और तिमारदारों की मदद करेंगे। प्रदेश सरकार 5 अगस्त से ‘प्रोजेक्ट सारथी’ की शुरुआत करने जा रही है। इस योजना का मकसद है अस्पतालों में मरीज मार्गदर्शन की सुविधा बढ़ाना और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना।
शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग मिलकर इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रहे हैं। पीजीआई चंडीगढ़ की तर्ज पर इसे हिमाचल के सरकारी अस्पतालों में लागू किया जाएगा। कॉलेज प्रिंसिपलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अभिभावकों की सहमति से इच्छुक स्वयंसेवकों की सूची तैयार करें। छात्रों की काउंसलिंग भी शुरू हो चुकी है ताकि उन्हें अस्पताल में काम करने का तरीका समझाया जा सके।
IGMC के एमएस डॉ. राहुल राय ने बताया कि यह योजना दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल में सुविधा देने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 5 अगस्त को इसका शुभारंभ करेंगे।योजना के तहत कॉलेजों के NSS और NCC कैडेट्स रोज़ाना सुबह 9:30 से दोपहर 1:30 बजे तक अपनी सेवाएं देंगे। वे बुजुर्ग और दिव्यांग मरीजों को ओपीडी और टेस्ट के लिए साथ ले जाएंगे, जिससे उन्हें किसी तरह की दिक्कत न हो।
पहले चरण में संजौली कॉलेज के 23 छात्र इस प्रोजेक्ट से जुड़े हैं, और धीरे-धीरे अन्य कॉलेजों के कैडेट्स भी इसमें शामिल होंगे। इससे छात्रों की कम्युनिकेशन स्किल्स भी बढ़ेंगी। सरकार की ओर से सेवा देने वाले छात्रों को प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।डॉ. राहुल राय ने यह भी बताया कि अगले साल IGMC में एक और CT स्कैन मशीन लगाई जाएगी।