वाराणसी |उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रात के अंधेरे में संदिग्ध ड्रोन उड़ने की घटनाओं ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। सरकार ने साफ कर दिया है—बिना इजाजत उड़ाया गया ड्रोन सीधे नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत कार्रवाई का कारण बन सकता है।
वाराणसी स्टेशन पर गिरा ड्रोन, मचा हड़कंप
ताजा मामला वाराणसी छावनी रेलवे स्टेशन का है, जहां मंगलवार देर शाम प्लेटफॉर्म नंबर 7 के पास एक कैमरा लगा ड्रोन अचानक गिर गया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और तुरंत RPF, GRP और बम स्क्वॉड की टीमें पहुंच गईं।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि ड्रोन में कोई विस्फोटक नहीं था। अधिकारियों को शक है कि यह ड्रोन किसी यूट्यूबर या कंटेंट क्रिएटर का हो सकता है, लेकिन अब तक इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
मुख्यमंत्री योगी ने दिए सख्त आदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के अफसरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। हाल ही में एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दो टूक कहा कि तकनीक का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
NSA और गैंगस्टर एक्ट तक लग सकते हैं
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन के ज़रिए डर फैलाना, अफवाह उड़ाना या संवेदनशील स्थानों पर उड़ान भरना गंभीर अपराध माना जाएगा। ऐसे मामलों में NSA, गैंगस्टर एक्ट जैसी धाराएं लगाई जा सकती हैं।
अब तक 17 FIR, 29 गिरफ्तारियां
पिछले कुछ हफ्तों में ड्रोन के दुरुपयोग से जुड़े मामलों में 17 FIR दर्ज हो चुकी हैं और 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अयोध्या, मथुरा, मेरठ, बिजनौर और मुज़फ्फरनगर जैसे संवेदनशील जिलों में ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
लोगों से अपील: ड्रोन उड़ाने से पहले लें अनुमति
सुरक्षा एजेंसियों ने आम जनता से अपील की है कि ड्रोन उड़ाने से पहले प्रशासन से लिखित अनुमति लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सोशल मीडिया पर अफवाह या भ्रामक वीडियो शेयर करने से भी बचें।