इस्लामाबाद | पाकिस्तान सरकार ने 1 सितंबर से देश में रह रहे करीब 13 लाख अफगान शरणार्थियों को वापस भेजने का बड़ा फैसला किया है। ये सभी लोग पंजीकरण प्रमाण (पीओआर) कार्ड धारक हैं, जिनकी वैधता 30 जून को समाप्त हो गई थी। इसके बाद ये लोग अब “अवैध निवासी” की श्रेणी में आ गए हैं।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, अब तक करीब 8 लाख अफगान नागरिकों को पाकिस्तान से वापस भेजा जा चुका है। अब बाकी शरणार्थियों को भी चरणबद्ध तरीके से उनके देश भेजा जाएगा।
अवैध विदेशियों पर सख्ती जारी
यह कदम पाकिस्तान के गृह मंत्रालय की उस नीति के तहत उठाया गया है, जिसके तहत 2023 से देश में रह रहे अवैध विदेशियों को निष्कासित करने की प्रक्रिया चलाई जा रही है। मंत्रालय ने सभी राज्यों, केंद्र शासित क्षेत्रों और पुलिस प्रमुखों को सूचित किया है कि पीओआर कार्डधारकों की वापसी की प्रक्रिया अब “औपचारिक निर्वासन” के रूप में 1 सितंबर 2025 से लागू होगी।
डेटा और रजिस्ट्रेशन की तैयारी
गृह मंत्रालय ने नेशनल डेटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (NADRA) को निर्देश दिया है कि वह सीमा चौकियों और पारगमन स्थलों पर अफगानों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया पूरी करे। वहीं, संघीय जांच एजेंसी (FIA) को भी शरणार्थियों की वापसी में सहयोग करने को कहा गया है।
UNHCR के आंकड़े
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) के अनुसार, 30 जून 2025 तक पाकिस्तान में 13 लाख से अधिक अफगान शरणार्थी मौजूद हैं। इनमें से सबसे ज्यादा — लगभग 7.17 लाख — खैबर पख्तूनख्वा में रह रहे हैं। बलूचिस्तान में 3.26 लाख, पंजाब में 1.95 लाख, सिंध में 75 हजार और इस्लामाबाद में 43 हजार से अधिक अफगानी शरणार्थी मौजूद हैं।