Mandi, Dharamveer
चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे (NH-3) पर मंडी से औट तक का सफर एक बार फिर खतरनाक बन गया है। मंगलवार रात भारी बारिश के चलते कई जगहों पर भूस्खलन हुआ, जिससे बुधवार को हाईवे 9 मील, जोगनी मोड़ और दवाड़ा फ्लाईओवर के पास बंद हो गया। सबसे गंभीर स्थिति दवाड़ा फ्लाईओवर पर देखने को मिली, जहां पहाड़ी से भारी-भरकम चट्टानें गिर गईं। इससे फ्लाईओवर को भारी नुकसान पहुंचा है और इसकी सतह पर बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं।
यह पहली बार है जब फ्लाईओवर की संरचना को सीधे तौर पर चट्टानों से इतना नुकसान पहुंचा है, जिससे NHAI की चिंता भी बढ़ गई है। बुधवार को भी यहां रुक-रुक कर पत्थर गिरने का सिलसिला जारी रहा। फ्लाईओवर पर फिलहाल आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई है। नीचे से गुजरने वाला हाईवे भी मंगलवार रात से बंद है, लेकिन मशीनरी द्वारा युद्धस्तर पर काम जारी है और इसके आज (गुरुवार) दोबारा खुलने की संभावना है।
मरम्मत के बाद ही बहाल होगी आवाजाही: NHAI
NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरुण चारी ने बताया कि दवाड़ा फ्लाईओवर भारी चट्टानों की चपेट में आने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से इसे फिलहाल बंद रखा गया है। जैसे ही भूस्खलन का खतरा कम होता है, फ्लाईओवर की मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा। मरम्मत के बाद ही इसे फिर से वाहनों की आवाजाही के लिए खोला जाएगा।
फ्लाईओवर से नीचे वाले हाईवे को खोलने के लिए लगातार मशीनरी काम में लगी है। वहीं, 9 मील और जोगनी मोड़ को अस्थायी रूप से खोल दिया गया है और इन दोनों के बीच फंसे वाहनों को सुरक्षित निकाला गया है।
प्रशासन ने तेज किए राहत और बचाव कार्य: डीसी
डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़े स्तर पर हुए भूस्खलन के बाद प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। फंसे हुए यात्रियों और वाहन चालकों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। सड़क मार्ग को खोलने के लिए मशीनरी के साथ युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि छोटे वाहनों को वैकल्पिक मार्ग—कमांद-कटौला होकर मंडी की ओर भेजा गया है ताकि ट्रैफिक को नियंत्रित किया जा सके और लोगों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया जा सके।