Kullu, 7 August
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर कुल्लू के ढालपुर स्थित अटल सदन में नाबार्ड द्वारा एक भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें लाहौल, पांगी और कुल्लू के पारंपरिक हथकरघा उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और बुनकरों ने भाग लिया और विभिन्न हस्तनिर्मित उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
प्रदर्शनी का शुभारंभ भुट्टीको संस्था की वरिष्ठ पदाधिकारी प्रेमलता ठाकुर द्वारा किया गया। उन्होंने नाबार्ड के प्रयासों की सराहना करते हुए बुनकर समुदाय का उत्साहवर्धन किया।नाबार्ड की महाप्रबंधक अनीता देगी ने जानकारी दी कि संगठन विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बुनकरों, सहकारी समितियों और व्यक्तिगत शिल्पकारों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा है। ‘व्यापक हथकरघा विकास योजना’ के तहत बुनकरों को डिजाइन, उत्पाद विकास और विपणन में मदद दी जाती है, जबकि ‘ग्रामीण मार्ट योजना’ के माध्यम से उनके लिए विपणन केंद्रों की स्थापना की जाती है।उन्होंने बताया कि प्रदर्शनियों और मेलों में भागीदारी के लिए भी बुनकरों को आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे उन्हें अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिले। साथ ही, नाबार्ड उन्हें बाजार की मांगों के अनुसार डिजाइन और गुणवत्ता में विविधता लाने के लिए भी प्रेरित कर रहा है।
नाबार्ड द्वारा दी जा रही यह प्रशिक्षण और सहायता योजनाएं न केवल परंपरागत हस्तशिल्प को जीवंत बनाए रखने में सहायक हैं, बल्कि इससे स्थानीय बुनकरों की आर्थिकी भी सशक्त हो रही है।