दिल्ली | अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। यह नया शुल्क 27 अगस्त 2025 से लागू होगा, जिससे कई भारतीय उत्पादों की इंपोर्ट ड्यूटी 50% तक पहुंच सकती है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच ट्रेड डायलॉग ठप पड़ा है। फिलहाल व्हाइट हाउस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इसी तरह की सख्ती चीन या अन्य रूसी तेल आयातकों पर भी लागू होगी या नहीं।
“यह संकट नहीं, मौका है” – आनंद महिंद्रा की रणनीति
महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने इस घटनाक्रम को भारत के लिए “दीर्घकालिक अवसर” बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में भारत को इस वैश्विक अस्थिरता को एक नई दिशा में बदलने की सलाह दी है।
महिंद्रा ने खासतौर पर इन क्षेत्रों में सुधार की बात की:
- व्यापार में सुगमता: सिंगल विंडो सिस्टम की तत्काल जरूरत और राज्यों के बीच तालमेल
- पर्यटन: कम उपयोग की गई विदेशी मुद्रा अर्जन क्षमता और रोजगार की अपार संभावना
- MSME सेक्टर: वित्तीय मदद और तरलता
- इन्फ्रास्ट्रक्चर: प्रोजेक्ट्स को रफ्तार देने की जरूरत
- मैन्युफैक्चरिंग: PLI स्कीम के जरिए नई दिशा
1991 जैसा मौका?
आनंद महिंद्रा ने 1991 के आर्थिक संकट का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे उस समय भारत ने उदारीकरण की ओर कदम बढ़ाया था, वैसे ही आज की चुनौतियां भी देश को नए आर्थिक सुधारों की ओर धकेल सकती हैं।