हरियाणा | हरियाणा में कर्मचारियों और अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर सियासी गलियारों में फिर से हलचल मच गई है। हाल ही में 29 जुलाई को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री सैनी की अध्यक्षता में विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें बीजेपी के कई मंत्री और विधायक शामिल थे। इस बैठक में दक्षिण हरियाणा के एक विधायक ने ट्रांसफर मामलों पर अपनी नाराजगी जताई और कहा कि लंबे समय से सीएमओ के अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विधायक ने साफ कहा, “मैं तो एक सामान्य विधायक हूं, लेकिन यहां तो मंत्रियों की बात भी सुनवाई नहीं होती।” उनकी इस बात को कई कैबिनेट मंत्रियों ने समर्थन दिया। एक मंत्री ने तो ट्रांसफर फाइलों की तुलना जलेबी से करते हुए कहा कि इन्हें इधर-उधर घुमाया जाता है, लेकिन कोई काम नहीं होता।
इस विवाद के बीच सरकार ने ट्रांसफर प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए जून में नई ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी का नोटिफिकेशन भी जारी किया है।
बैठक के दौरान इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री सैनी भी काफी नाराज नजर आए और उन्होंने सीएमओ के एक HCS अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई। सीएम ने साफ किया कि बिना वजह मंत्रियों और विधायकों की ट्रांसफर फाइलें नहीं रोकी जानी चाहिए।
बैठक खत्म होने के बाद जब विधायक अपनी विधानसभा की ओर रवाना हुए, तो संबंधित अधिकारी ने फोन कर उनकी ट्रांसफर फाइलों को मंजूरी दे दी। इस घटनाक्रम से साफ हुआ कि ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया में अभी भी अंदरूनी अड़चनें बरकरार हैं, जो जल्द ही सुलझाने की जरूरत है।