पंचकूला | हरियाणा सरकार ने जेलों में बंद हार्डकोर अपराधियों के आपराधिक नेटवर्क और उनकी कार्यप्रणाली पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। हरियाणा कारागार विभाग के महानिदेशक आलोक कुमार रॉय ने पंचकूला में प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कदम की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि अब तक जेलों में होने वाली आपराधिक गतिविधियों की जांच जिला स्तर पर पुलिस करती थी, लेकिन अब यह जिम्मेदारी स्टेट क्राइम ब्रांच के पास केंद्रीय स्तर पर होगी। SIT की टीम इन अपराधियों की केस स्टडी कर उनकी साजिशों का भंडाफोड़ करेगी।
जेलों में मोबाइल फोन की पकड़ और कड़ी कार्रवाई
आलोक कुमार रॉय ने कहा कि पिछले छह महीनों में जेलों से 21 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। जेल प्रशासन ने मोबाइल और अवैध गतिविधियों पर पूरी सख्ती बरतने का फैसला किया है। अगर किसी जेल कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी क्रिमिनल कार्रवाई की जाएगी।
हार्डकोर क्रिमिनलों की जेलें शिफ्ट
हरियाणा की जेलों में करीब 27 हजार कैदी हैं, जिनमें 27 गैंगस्टर शामिल हैं। इनके आपराधिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए कड़ी सुरक्षा वाले जेलों में इन अपराधियों को स्थानांतरित किया जा रहा है। हालांकि, नशीले पदार्थों की जेलों में पहुंच अभी भी पूरी तरह नहीं रुकी है। इस साल अब तक 20 मामले नशीले पदार्थों की तस्करी के पकड़े गए हैं। जेल स्टाफ की कमी दूर करने के लिए भी प्रयास जारी हैं।
तीन महीने में रोहतक में हाई सिक्योरिटी जेल का निर्माण पूरा
कारागार विभाग के DG ने बताया कि रोहतक में हाई सिक्योरिटी जेल का निर्माण अगले तीन महीनों में पूरा हो जाएगा। इसके अलावा, पंचकूला और फतेहाबाद में नई जेलों के लिए जमीन भी मिल चुकी है। वर्तमान में हरियाणा की जेलों की क्षमता 22 हजार है, जबकि कैदियों की संख्या 27 हजार से अधिक है, जो इस व्यवस्था में अतिरिक्त दबाव पैदा कर रही है।
यह कदम राज्य की जेलों को अपराधियों के लिए कड़े कैदस्थल बनाने और वहां के सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।