नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसलों को हरी झंडी मिल गई है। कुल 52,667 करोड़ रुपये के बजट आवंटन के साथ सरकार ने एलपीजी, शिक्षा, बुनियादी ढांचा और पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी है।
सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को मजबूत करने के लिए 12,060 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, जिससे गरीब परिवारों तक स्वच्छ ईंधन पहुंचाने में मदद मिलेगी। घरेलू रसोई गैस की कीमतों को सस्ते बनाए रखने के लिए 30,000 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।
शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी संस्थानों के बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए 4,200 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। पूर्वोत्तर राज्यों खासकर असम और त्रिपुरा के लिए 4,250 करोड़ रुपये का विशेष विकास पैकेज भी मंजूर किया गया है।
दक्षिण भारत में मरक्कनम–पुडुचेरी फोर-लेन हाईवे के निर्माण और सुधार के लिए 2,157 करोड़ रुपये की राशि भी आवंटित की गई है, जिससे क्षेत्र का सड़क संपर्क बेहतर होगा।
इसके अलावा, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) को घरेलू एलपीजी बिक्री के घाटे की भरपाई के लिए 30,000 करोड़ रुपये के मुआवजे को भी मंजूरी दी गई है। यह राशि पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा 12 किश्तों में वितरित की जाएगी।
इन बड़े निर्णयों से न केवल घरेलू गैस की कीमतों में स्थिरता आएगी, बल्कि शिक्षा, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलेगी, जो समग्र विकास के लिए अहम कदम हैं।